उतरौला की ग्राम पंचायत में टूटी सड़कें:बंद शौचालय, बंद पंचायत सचिवालय

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बलरामपुर के विकास खंड उतरौला की ग्राम पंचायत मिलौली बाघाजोत में विकास के दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। गांव में टूटी सड़कें, बजबजाती नालियां और बदहाल सार्वजनिक भवन इसकी पुष्टि करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां योजनाएं केवल कागजों में चल रही हैं। पंचायत के पुरवे किलौली बाघाजोत में स्थित पंचायत भवन स्वयं बदहाली का शिकार है। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत सचिवालय महीनों तक बंद रहता है, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता। लाखों रुपये की लागत से बना सामुदायिक शौचालय भी केवल तीन महीने में बंद हो गया। इसके अतिरिक्त, किलौली पुरवे में लगे चारों इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। मिलौली बाघाजोत के परिषदीय विद्यालय का मुख्य गेट भी टूटा हुआ है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पानी की किल्लत के कारण महिलाएं और बच्चे विशेष रूप से प्रभावित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले पांच वर्षों में विकास के नाम पर केवल भ्रष्टाचार हुआ है। छोटू पासवान ने कहा, “यहां योजनाएं आती जरूर हैं, लेकिन उनका फायदा जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचता।” साधुशरण के अनुसार, “पंचायत भवन और शौचालय की हालत गांव के साथ हुए मजाक को दर्शाती है।” सीताराम ने पानी की किल्लत पर नाराजगी जताते हुए कई बार शिकायत के बावजूद सुनवाई न होने की बात कही। शशिकरण ने बच्चों की सुरक्षा को भगवान भरोसे छोड़ने पर चिंता व्यक्त की। इस मामले में खंड विकास अधिकारी इंद्रावती वर्मा ने बताया कि शिकायतों की जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन की यह चेतावनी केवल बयान बनकर रह जाती है या मिलौली बाघाजोत को वास्तव में बदहाली से बाहर निकाल पाती है।
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