सिद्धार्थनगर में श्रीराम कथा का आयोजन:कथावाचक धनंजय ने घोसियारी श्रीराम कथा में कहा- संस्कारों से होता है सदाचार का निर्माण

3
Advertisement

घोसियारी बाजार स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथावाचक धनंजय ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में संस्कारों का विशेष महत्व है। उन्होंने जोर दिया कि संस्कारों से ही शील, सदाचार, प्रेम, दया और करुणा जैसे मानवीय गुणों का विकास होता है। कथावाचक ने समझाया कि मनुष्य के दो जन्म होते हैं – पहला प्राकृतिक और दूसरा संस्कारों के माध्यम से। उन्होंने यह भी बताया कि मन से स्वस्थ होना ही वास्तविक अर्थों में स्वस्थ होने की पहचान है। धनंजय ने गोस्वामी तुलसीदास को कलियुग में वंदना परंपरा का श्रेष्ठ आचार्य बताया। उन्होंने तुलसीदास के एक महा-सूत्र का उल्लेख किया, जिसके अनुसार यदि हर व्यक्ति अपने आराध्य का दर्शन दूसरों में करे, तो जीवन से वैर-वैमनस्य स्वतः समाप्त हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि यदि हम सभी एक-दूसरे में प्रभु का दर्शन करें, तो समाज में प्रेम, श्रद्धा और सौहार्द का वातावरण स्वतः निर्मित हो जाएगा। श्रीरामचरितमानस का वंदना प्रकरण अत्यंत प्रेरणादायक है, जो सनातन परंपरा के माध्यम से व्यक्ति को संस्कारित और श्रेष्ठ बनने की सीख देता है। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के चरित्र का वर्णन करने से पहले भगवान शिव की कथा का भी विस्तार से उल्लेख किया गया। कथावाचक ने बताया कि श्रद्धा और विश्वास एक-दूसरे के पूरक हैं और इन दोनों के बिना भक्ति अधूरी है। इस श्रीराम कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रोताओं ने कथा का रसपान कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।
यहां भी पढ़े:  गेहूं बुआई तेज, किसान सिंचाई-खाद की कमी से परेशान:प्रशासन से तत्काल व्यवस्था कराने की मांग, एसडीएम ने दिया आश्वासन
Advertisement