जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के सख्त निर्देशों के बाद जिले में बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ा अभियान चलाया है। शुक्रवार को श्रम विभाग के नेतृत्व में गठित जिला टास्क फोर्स ने नौगढ़ और आसपास के बाजार क्षेत्रों में सघन छापेमारी कर कई बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। इस अभियान से बाल श्रम कराने वालों में हड़कंप मच गया। इस अभियान के तहत, संयुक्त टीम ने नौगढ़, पकड़ी और उसके बाजार स्थित एचआर मार्का ईंट भट्ठों तथा होटलों का निरीक्षण किया। नौगढ़ रेलवे क्रॉसिंग के पास ‘ॐ छोले-भटूरे’ की दुकान पर तीन नाबालिग बच्चे काम करते हुए पाए गए। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन बच्चों को रेस्क्यू किया और उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। रेस्क्यू किए गए बच्चों ने बताया कि उनसे कम मजदूरी पर लंबे समय तक और असुरक्षित परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था। यह बाल श्रम निषेध एवं विनियमन अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, बाल श्रमिकों से काम कराने वाले सेवायोजकों को नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिलाधिकारी के निर्देशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। भविष्य में बाल श्रम कराते पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और अभियोजन तय है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी उज्ज्वल त्रिपाठी ने बताया कि जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के मार्गदर्शन में यह अभियान लगातार जारी रहेगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें कहीं भी बाल श्रम दिखाई दे, तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें। इस अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी उज्ज्वल त्रिपाठी, एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार श्रीवास्तव, बाल संरक्षण अधिकारी विवेक मालवीय, चाइल्ड लाइन कोऑर्डिनेटर सुनील उपाध्याय, आरक्षी आशुतोष सिंह, आउटरीच कार्यकर्ता अविनाश सिंह, एचईडब्ल्यू सविता वर्मा, डीटीएफ सदस्य जय प्रकाश गुप्ता, नीति आयोग से अभिनव द्विवेदी और पिरामल फाउंडेशन से योगेंद्र मोहन सहित कई अधिकारी और सदस्य शामिल थे।
डीएम शिवशरणप्पा जीएन की सख्ती से हिला बाल श्रम नेटवर्क:अभियान चलाकर नाबालिगों का रेस्क्यू, सेवायोजकों को नोटिस
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के सख्त निर्देशों के बाद जिले में बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ा अभियान चलाया है। शुक्रवार को श्रम विभाग के नेतृत्व में गठित जिला टास्क फोर्स ने नौगढ़ और आसपास के बाजार क्षेत्रों में सघन छापेमारी कर कई बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। इस अभियान से बाल श्रम कराने वालों में हड़कंप मच गया। इस अभियान के तहत, संयुक्त टीम ने नौगढ़, पकड़ी और उसके बाजार स्थित एचआर मार्का ईंट भट्ठों तथा होटलों का निरीक्षण किया। नौगढ़ रेलवे क्रॉसिंग के पास ‘ॐ छोले-भटूरे’ की दुकान पर तीन नाबालिग बच्चे काम करते हुए पाए गए। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन बच्चों को रेस्क्यू किया और उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। रेस्क्यू किए गए बच्चों ने बताया कि उनसे कम मजदूरी पर लंबे समय तक और असुरक्षित परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था। यह बाल श्रम निषेध एवं विनियमन अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, बाल श्रमिकों से काम कराने वाले सेवायोजकों को नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिलाधिकारी के निर्देशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। भविष्य में बाल श्रम कराते पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और अभियोजन तय है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी उज्ज्वल त्रिपाठी ने बताया कि जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के मार्गदर्शन में यह अभियान लगातार जारी रहेगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें कहीं भी बाल श्रम दिखाई दे, तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें। इस अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी उज्ज्वल त्रिपाठी, एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार श्रीवास्तव, बाल संरक्षण अधिकारी विवेक मालवीय, चाइल्ड लाइन कोऑर्डिनेटर सुनील उपाध्याय, आरक्षी आशुतोष सिंह, आउटरीच कार्यकर्ता अविनाश सिंह, एचईडब्ल्यू सविता वर्मा, डीटीएफ सदस्य जय प्रकाश गुप्ता, नीति आयोग से अभिनव द्विवेदी और पिरामल फाउंडेशन से योगेंद्र मोहन सहित कई अधिकारी और सदस्य शामिल थे।









































