भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने नानपारा तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। यह धरना चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रारंभ किया गया है। मंडल उपाध्यक्ष साधु शरण वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को एसडीएम नानपारा को एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें छुट्टा जानवरों को गौशाला पहुंचाने, रुपईडीहा में चकिया रोड पर बन रहे गलत नाले को सही जगह बनवाने और यूनियन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को कंबल वितरित कराने की मांगें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, कार्यकर्ता बजरंगी लाल गुप्ता द्वारा 31 दिसंबर को कोतवाली नानपारा में दी गई एक शिकायत भी गायब हो गई है। यूनियन ने ज्ञापन में चेतावनी दी थी कि यदि नियत समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इसी कड़ी सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ यूनियन धरने पर बैठ गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों द्वारा अनदेखी करने पर तहसील प्रशासन विरोधी नारे भी लगाए। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में तहसील प्रशासन ने कंबल वितरण के लिए सभी को बुलाया था, लेकिन अब उपजिलाधिकारी का फोन नहीं उठ रहा है। तहसील प्रशासन की ओर से कंबल वितरण पर कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर भारतीय किसान यूनियन ने अपने संगठन के माध्यम से लगभग 75 हजार मूल्य के 300 कंबलों का वितरण अपने कार्यकर्ताओं में किया।
भारतीय किसान यूनियन का हजारों कार्यकर्ताओं के साथ धरना: नानपारा में 4 सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन – Nanpara Dehati(Nanpara) News
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने नानपारा तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। यह धरना चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रारंभ किया गया है। मंडल उपाध्यक्ष साधु शरण वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को एसडीएम नानपारा को एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें छुट्टा जानवरों को गौशाला पहुंचाने, रुपईडीहा में चकिया रोड पर बन रहे गलत नाले को सही जगह बनवाने और यूनियन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को कंबल वितरित कराने की मांगें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, कार्यकर्ता बजरंगी लाल गुप्ता द्वारा 31 दिसंबर को कोतवाली नानपारा में दी गई एक शिकायत भी गायब हो गई है। यूनियन ने ज्ञापन में चेतावनी दी थी कि यदि नियत समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इसी कड़ी सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ यूनियन धरने पर बैठ गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों द्वारा अनदेखी करने पर तहसील प्रशासन विरोधी नारे भी लगाए। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में तहसील प्रशासन ने कंबल वितरण के लिए सभी को बुलाया था, लेकिन अब उपजिलाधिकारी का फोन नहीं उठ रहा है। तहसील प्रशासन की ओर से कंबल वितरण पर कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर भारतीय किसान यूनियन ने अपने संगठन के माध्यम से लगभग 75 हजार मूल्य के 300 कंबलों का वितरण अपने कार्यकर्ताओं में किया।









































