बलरामपुर जिले में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से भारी मात्रा में अवैध सागवान की लकड़ी जब्त की है। यह कार्रवाई अवैध वन उत्पादों की तस्करी के खिलाफ की गई। 09वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल बलरामपुर को 9 जनवरी 2026 को एक विश्वसनीय सूत्र से सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, जी समवाय खंगड़ानाका के कार्य क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फुलवरिया में अवैध रूप से काटी गई सागवान की लकड़ी छिपाकर रखी गई थी। यह गांव अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 13.5 किलोमीटर दूर स्थित है। सूचना मिलने के बाद एसएसबी ने तत्काल बनकटवा वन विभाग को सूचित किया। इसके बाद एसएसबी की क्विक रिएक्शन टीम (QRT) और वन विभाग के कर्मचारियों ने मिलकर ग्राम फुलवरिया में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान मौके से पहले से काटकर छिपाई गई सागवान की लकड़ी के कुल 70 बोटे बरामद किए गए। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की गई, लेकिन लकड़ी के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई। एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि बल न केवल सीमा सुरक्षा बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भविष्य में भी अवैध कटान और तस्करी जैसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही।
अवैध सागवान लकड़ी जब्त:बलरामपुर में एसएसबी और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई
बलरामपुर जिले में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से भारी मात्रा में अवैध सागवान की लकड़ी जब्त की है। यह कार्रवाई अवैध वन उत्पादों की तस्करी के खिलाफ की गई। 09वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल बलरामपुर को 9 जनवरी 2026 को एक विश्वसनीय सूत्र से सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, जी समवाय खंगड़ानाका के कार्य क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फुलवरिया में अवैध रूप से काटी गई सागवान की लकड़ी छिपाकर रखी गई थी। यह गांव अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 13.5 किलोमीटर दूर स्थित है। सूचना मिलने के बाद एसएसबी ने तत्काल बनकटवा वन विभाग को सूचित किया। इसके बाद एसएसबी की क्विक रिएक्शन टीम (QRT) और वन विभाग के कर्मचारियों ने मिलकर ग्राम फुलवरिया में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान मौके से पहले से काटकर छिपाई गई सागवान की लकड़ी के कुल 70 बोटे बरामद किए गए। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की गई, लेकिन लकड़ी के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई। एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि बल न केवल सीमा सुरक्षा बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भविष्य में भी अवैध कटान और तस्करी जैसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही।









































