ग्राम चौपाल में आयुष्मान कार्ड पर सवाल:ग्रामीणों ने पंचायत भवन की अव्यवस्था पर जताई नाराजगी

4
Advertisement

सिद्धार्थनगर के बर्डपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत बजहां में आयोजित ग्राम चौपाल में आयुष्मान कार्ड से जुड़े एक मामले को लेकर पंचायत प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए। ग्रामीणों ने पंचायत भवन की व्यवस्थाओं पर भी नाराजगी व्यक्त की। चौपाल में अहमद अली नामक ग्रामीण ने आरोप लगाया कि उनके बच्चे का आयुष्मान कार्ड बन गया है, लेकिन उसकी केवाईसी पूरी नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए कई बार पंचायत सहायक से संपर्क किया गया, लेकिन उन्हें हर बार यह कहकर टाल दिया गया कि “जब जरूरत पड़ेगी तब बना दिया जाएगा।” अहमद अली ने सवाल उठाया कि इलाज की जरूरत पड़ने पर क्या उन्हें पंचायत सहायक को ढूंढना पड़ेगा। अहमद अली ने यह भी शिकायत की कि पंचायत भवन होने के बावजूद पंचायत सहायक अक्सर वहां मौजूद नहीं रहते, जिससे ऑनलाइन कार्यों के लिए ग्रामीणों को बाहर भटकना पड़ता है। पंचायत सहायक मो. नसीम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि आयुष्मान कार्ड की केवाईसी उस समय तकनीकी समस्या के कारण नहीं हो पा रही थी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत के पास बायोमेट्रिक डिवाइस भी उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण कार्य बाधित रहा। मो. नसीम ने आश्वासन दिया कि बायोमेट्रिक डिवाइस मिलते ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। मो. नसीम ने आगे बताया कि पंचायत भवन में नेटवर्क की समस्या रहती है, इसलिए ग्राम पंचायत बजहां में ऑनलाइन कार्य बाहर से किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस जानकारी को चौपाल में कई बार ग्रामीणों के साथ साझा किया जा चुका है। ग्रामीणों ने पंचायत भवन में कंप्यूटर सिस्टम न होने पर सवाल उठाया। इस पर पंचायत सचिव ने बताया कि कंप्यूटर दूसरे कमरे में बंद करके रखा गया है। हालांकि, जब ग्रामीणों ने कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण किया, तो उन्हें वहां केवल एक बैटरी और एक बंद पड़ा यूपीएस मिला। इस स्थिति से ग्रामीणों में संदेह पैदा हो गया कि कहीं पंचायत भवन का कंप्यूटर निजी उपयोग में तो नहीं लिया जा रहा है। पंचायत सचिव मनोहर लाल बर्नवाल ने बताया कि पंचायत भवन भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है, जिसके कारण नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए वाई-फाई लगवाकर कार्य किया जाएगा। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से पारदर्शिता बरतने और पंचायत भवन में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके।
Advertisement