लोकतंत्र सेनानी संत कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम-संस्कार: 1977 के आपातकाल आंदोलन में थे सक्रिय; पुलिसकर्मियों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया – Paniyara(Maharajganj) News

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महाराजगंज के पनियरा में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जाने वाले राजनैतिक बंदी और लोक रक्षक सेनानी संत कुमार (81 वर्ष) का गुरुवार रात निधन हो गया। शुक्रवार को रोहिन नदी के तट पर पुलिस बल ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पनियरा थाना क्षेत्र के सुचितपुर बघौना (बंगला टोला) निवासी संत कुमार 1977 में देश में लगे आपातकाल के खिलाफ सक्रिय थे। परिजनों के अनुसार, उन्होंने शिवेंद्र तिवारी के नेतृत्व में महलगंज में एक जोरदार आंदोलन किया था, जिसके कारण उन्हें राजनैतिक बंदी बनाया गया था। शुक्रवार को उनकी अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए। गांव के पास रोहिन नदी के तट पर नायब तहसीलदार (कतरारी) प्रदुम्न सिंह की उपस्थिति में उन्हें अंतिम विदाई दी गई। पुलिस कर्मियों ने शस्त्र झुकाकर उन्हें सलामी दी। इस दौरान ग्राम प्रधान नेवास, पूर्व प्रधान लालमन निषाद और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। संत कुमार अपने पीछे चार पुत्रों (जयराम, अर्जुन, राजेश, साधु) और तीन पुत्रियों (गोतरा, मेवाती, जशोधरा) का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके सभी संतानों का विवाह हो चुका है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे जीवनभर समाज सेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहे।
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