बलरामपुर में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के अवसर पर व्यापक स्तर पर प्रसव पूर्व जांच कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के 32 अस्पतालों में कुल 1189 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। जांच में 129 गर्भवती महिलाएं उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) श्रेणी में चिह्नित की गईं। इन चिह्नित एचआरपी महिलाओं को आवश्यक परामर्श, उपचार और विशेष निगरानी में रखने के निर्देश संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की समय-सीमा जांच और जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान सुरक्षित प्रसव की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को मातृ स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बरतने, एचआरपी महिलाओं पर विशेष ध्यान देने और गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डॉ. रस्तोगी ने स्पष्ट किया कि विभागीय प्रयासों का मुख्य उद्देश्य जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस प्रकार के अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाते रहेंगे।
बलरामपुर के 32 अस्पतालों में 1189 प्रेग्नेंट महिलाओं की जांच:129 महिलाएं एचआरपी श्रेणी में; सीएमओ बोले- नियमित जांच से मृत्यु- शिशुदर में कमी लाना है
बलरामपुर में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के अवसर पर व्यापक स्तर पर प्रसव पूर्व जांच कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के 32 अस्पतालों में कुल 1189 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। जांच में 129 गर्भवती महिलाएं उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) श्रेणी में चिह्नित की गईं। इन चिह्नित एचआरपी महिलाओं को आवश्यक परामर्श, उपचार और विशेष निगरानी में रखने के निर्देश संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की समय-सीमा जांच और जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान सुरक्षित प्रसव की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को मातृ स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बरतने, एचआरपी महिलाओं पर विशेष ध्यान देने और गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डॉ. रस्तोगी ने स्पष्ट किया कि विभागीय प्रयासों का मुख्य उद्देश्य जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस प्रकार के अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाते रहेंगे।









































