सिन्दुरिया थाना क्षेत्र से एक युवती को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण, धमकी और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पिता के अनुसार, सिन्दुरिया थाना क्षेत्र के एक गांव की उनकी 21 वर्षीय बेटी गोरखपुर के एक अस्पताल में जेएनएम की पढ़ाई कर रही है। आरोप है कि सिन्दुरिया निवासी अब्दुल्ला पुत्र कमालुद्दीन काफी समय से उनकी बेटी को बातचीत के लिए परेशान कर रहा था। शिकायत में कहा गया है कि 8 फरवरी की सुबह करीब सात बजे अब्दुल्ला युवती को बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गया। घटना की जानकारी होने पर जब परिजन युवती के संबंध में पूछताछ करने आरोपी अब्दुल्ला के घर पहुंचे, तो उसके दोस्त अरबाज ने गाली-गलौज की। अरबाज पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और जान-माल की धमकी देने का भी आरोप है। थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 87, 352, 351(3) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(ध) व 3(2)(va) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
महराजगंज में युवती के अपहरण का आरोप,: केस दर्ज, आरोपी पर धमकी और SC/ST एक्ट की धाराएं भी – Sekhui(Nichlaul) News
सिन्दुरिया थाना क्षेत्र से एक युवती को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण, धमकी और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पिता के अनुसार, सिन्दुरिया थाना क्षेत्र के एक गांव की उनकी 21 वर्षीय बेटी गोरखपुर के एक अस्पताल में जेएनएम की पढ़ाई कर रही है। आरोप है कि सिन्दुरिया निवासी अब्दुल्ला पुत्र कमालुद्दीन काफी समय से उनकी बेटी को बातचीत के लिए परेशान कर रहा था। शिकायत में कहा गया है कि 8 फरवरी की सुबह करीब सात बजे अब्दुल्ला युवती को बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गया। घटना की जानकारी होने पर जब परिजन युवती के संबंध में पूछताछ करने आरोपी अब्दुल्ला के घर पहुंचे, तो उसके दोस्त अरबाज ने गाली-गलौज की। अरबाज पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और जान-माल की धमकी देने का भी आरोप है। थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 87, 352, 351(3) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(ध) व 3(2)(va) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।










































