बस्ती। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन के निर्देश पर यूपी-112 के पीआरवी कर्मियों को सोमवार को क्राइम सीन किट के प्रयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। उद्देश्य यह कि किसी भी घटना स्थल पर पहुंचकर साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित किया जा सके। अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत और क्षेत्राधिकारी सदर सत्येंद्र भूषण तिवारी के मार्गदर्शन में क्षेत्राधिकारी रुधौली कुलदीप सिंह यादव तथा प्रभारी निरीक्षक यूपी-112 राणा देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशिक्षण कराया। प्रशिक्षण के दौरान एक काल्पनिक घटना का लाइव डेमो दिखाया गया। सूचना मिलते ही पहुंचेगी पुलिस डेमो के अनुसार कचहरी जाते समय एक व्यक्ति पर पुराने विवाद के कारण हमला किया गया और उसके दस्तावेज जलाने का प्रयास हुआ। सूचना मिलते ही यूपी-112 की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पीड़ित को प्राथमिक उपचार दिया और क्राइम सीन किट की मदद से घटनास्थल को येलो टेप व उपकरणों से घेरकर सुरक्षित किया। फायर एक्सटिंग्यूशर से आग बुझाई गई और पीड़ित को अस्पताल भेजा गया। साथ ही फायर सर्विस की टीम ने अग्निशमन कार्य में सहयोग दिया। बाद में एफएसएल टीम ने सुरक्षित किए गए साक्ष्यों को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए संकलित किया। लोगों को होगी सुविधा क्षेत्राधिकारी रुधौली कुलदीप सिंह यादव ने कहा कि किसी भी घटना में यूपी-112 प्रथम रेस्पॉंडर होता है, इसलिए घटनास्थल का संरक्षण, साक्ष्य सुरक्षित करना, दस्तावेजीकरण और ग्लव्स-मास्क का प्रयोग अत्यंत जरूरी है। कर्मियों को यह भी सिखाया गया कि घटनास्थल पर पहुंचते ही 50 फीट का सुरक्षा घेरा बनाकर भीड़ और मीडिया को दूर रखते हुए अनिवार्य रूप से फोटो-वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए। प्रशिक्षण में प्रभारी फायर सर्विस कन्हैया लाल यादव, एफएसएल टीम के अवधेश साहनी और अजय चौरसिया सहित यूपी-112 के अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि इससे आमजन को त्वरित सहायता मिलेगी और साक्ष्यों के सुरक्षित रहने से अपराधियों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी, जिससे पुलिस की छवि और भी मजबूत होगी।






































