कलवारी थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-28 के किनारे कई महीनों से खुले आसमान के नीचे रह रहे एक अज्ञात व्यक्ति की सूचना मंगलवार को पुलिस को 112 नंबर पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और व्यक्ति से पूछताछ की। स्थानीय लोगों ने कड़ाके की ठंड में बिना आश्रय के रह रहे इस व्यक्ति की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह व्यक्ति लगभग तीन महीने से एक ही स्थान पर पड़ा रहता है और दिन-रात कहीं नहीं जाता। उसके पास कुछ बिखरे कपड़ों के अलावा कोई सामान नहीं मिला। पास के ओम ढाबा के संचालक ने जानकारी दी कि वह कभी-कभार ढाबे पर खाना खाने आता है, जहाँ उसे मानवीय आधार पर भोजन दिया जाता है। मौके पर मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम त्रिपाठी ने इसे एक गंभीर मानवीय मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का इतने लंबे समय तक खुले आसमान के नीचे रहना चिंताजनक है। त्रिपाठी ने प्रशासन से व्यक्ति के पुनर्वास की व्यवस्था करने या उसकी पहचान सुनिश्चित कर परिजनों तक पहुंचाने की मांग की। स्थानीय टायर पंचर दुकानदार मोहम्मद खुर्शीद ने व्यक्ति से पूछताछ की। व्यक्ति ने अपना नाम राकेश पुत्र रामदेव साह बताया और खुद को बिहार के सिवान जिले का निवासी बताया। हालांकि, वह अपनी वर्तमान स्थिति और यहाँ आने के कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। गैर-लाभकारी संस्था ट्री इनिशिएटिव्स सोसाइटी के सदस्यों ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए 112 पर पुलिस को सूचना दी थी। क्षेत्रीय गन्ना किसान प्रतिनिधि रामकृष्ण पटेल ने सबसे पहले इस व्यक्ति के लंबे समय से यहाँ रहने की जानकारी साझा की थी, जिसके बाद आसपास के दुकानदार और राहगीर भी मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने व्यक्ति से पूछताछ करने के बाद कलवारी थानाध्यक्ष गजेंद्र प्रताप सिंह को पूरे मामले से अवगत कराया। थानाध्यक्ष गजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि युवक से पूछताछ की जा रही है, जिसके आधार पर उसके परिजनों से संपर्क हो सकेगा। घटनास्थल पर अब्दुर रहीम, फरहान, प्रमोद अग्रहरि और अब्बास सहित कई स्थानीय लोग मौजूद थे।






































