बलरामपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) दिवस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) श्रीदत्तगंज का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करते हुए चिकित्सकीय व्यवस्था, पंजीकरण, जांच प्रक्रिया और हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान, सीएचसी श्रीदत्तगंज में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर 32 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। इनमें से तीन महिलाएं हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) के रूप में चिह्नित हुईं। सीएमओ ने अधीक्षक और टीम को एचआरपी गर्भवती महिलाओं का नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उच्चस्तरीय चिकित्सालय में समय पर रेफर करने का निर्देश दिया। डॉ. रस्तोगी ने जोर दिया कि गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच और जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान सुरक्षित प्रसव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। निरीक्षण के दौरान, सीएमओ ने उपस्थिति पंजिका का भी अवलोकन किया। इसमें स्टाफ नर्स सोनिया देवी और मीनू अनुपस्थित पाई गईं। इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डॉ. रस्तोगी ने दोनों कर्मियों का वेतन रोकने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम संवेदनशील है और इसमें किसी भी प्रकार की अनुपस्थिति या शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। निरीक्षण के समय सीएचसी श्रीदत्तगंज के अधीक्षक डॉ. आनंद त्रिपाठी, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, जिला मलेरिया अधिकारी राजेश पांडे, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह, स्टाफ नर्स रचना, अर्चना बौद्ध, लैब टेक्नीशियन कृष्ण गोपाल और पूरणमल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे। सीएमओ ने मातृ स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बरतने, एचआरपी महिलाओं पर विशेष निगरानी रखने और गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि विभागीय प्रयासों का मुख्य लक्ष्य जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाना है।
सीएमओ ने लापरवाह स्टाफ का वेतन रोका:श्रीदत्तगंज सीएचसी निरीक्षण में एचआरपी मामलों पर विशेष निगरानी के निर्देश
बलरामपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) दिवस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) श्रीदत्तगंज का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करते हुए चिकित्सकीय व्यवस्था, पंजीकरण, जांच प्रक्रिया और हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान, सीएचसी श्रीदत्तगंज में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर 32 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। इनमें से तीन महिलाएं हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) के रूप में चिह्नित हुईं। सीएमओ ने अधीक्षक और टीम को एचआरपी गर्भवती महिलाओं का नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उच्चस्तरीय चिकित्सालय में समय पर रेफर करने का निर्देश दिया। डॉ. रस्तोगी ने जोर दिया कि गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच और जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान सुरक्षित प्रसव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। निरीक्षण के दौरान, सीएमओ ने उपस्थिति पंजिका का भी अवलोकन किया। इसमें स्टाफ नर्स सोनिया देवी और मीनू अनुपस्थित पाई गईं। इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डॉ. रस्तोगी ने दोनों कर्मियों का वेतन रोकने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम संवेदनशील है और इसमें किसी भी प्रकार की अनुपस्थिति या शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। निरीक्षण के समय सीएचसी श्रीदत्तगंज के अधीक्षक डॉ. आनंद त्रिपाठी, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, जिला मलेरिया अधिकारी राजेश पांडे, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह, स्टाफ नर्स रचना, अर्चना बौद्ध, लैब टेक्नीशियन कृष्ण गोपाल और पूरणमल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे। सीएमओ ने मातृ स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बरतने, एचआरपी महिलाओं पर विशेष निगरानी रखने और गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि विभागीय प्रयासों का मुख्य लक्ष्य जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाना है।









































