डुमरियागंज क्षेत्र के प्रसिद्ध ऐतिहासिक सिद्धपीठ मां वटवासिनी महाकाली स्थान गालापुर (लटेरा) में एक भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सुभाष जी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए हिन्दू एकता, संगठन और सांस्कृतिक मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, “हम लोग हिंदुस्तान में रहते हैं, इसीलिए हिंदू हैं।” उनके इस कथन ने उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार किया और हिन्दू समाज की एकजुटता पर बल दिया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इनमें पूर्व मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी, पूर्व मंत्री राजू श्रीवास्तव, भाजपा नेता नरेंद्र मणि त्रिपाठी, कुंवर आनंद सिंह, सच्चिदानंद पांडेय, संजय सिंह, अमरनाथ सिंह उर्फ सोनू, रामकुमार उर्फ चिनकू यादव, मकसूदन अग्रहरि, अशोक अग्रहरि, विनोद श्रीवास्तव उर्फ पप्पू भैया, राजू पाल और श्याम सुंदर अग्रहरि प्रमुख थे। स्थानीय लोग, श्रद्धालु और विभिन्न हिन्दू संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मां वटवासिनी महाकाली के सिद्धपीठ पर आयोजित इस सम्मेलन ने क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरण का माहौल बनाया। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बताया और भविष्य में ऐसे आयोजनों को जारी रखने की बात कही।
वटवासिनी महाकाली स्थान पर हिंदू सम्मेलन:RSS प्रचार प्रमुख ने एकता पर जोर दिया
डुमरियागंज क्षेत्र के प्रसिद्ध ऐतिहासिक सिद्धपीठ मां वटवासिनी महाकाली स्थान गालापुर (लटेरा) में एक भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सुभाष जी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए हिन्दू एकता, संगठन और सांस्कृतिक मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, “हम लोग हिंदुस्तान में रहते हैं, इसीलिए हिंदू हैं।” उनके इस कथन ने उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार किया और हिन्दू समाज की एकजुटता पर बल दिया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इनमें पूर्व मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी, पूर्व मंत्री राजू श्रीवास्तव, भाजपा नेता नरेंद्र मणि त्रिपाठी, कुंवर आनंद सिंह, सच्चिदानंद पांडेय, संजय सिंह, अमरनाथ सिंह उर्फ सोनू, रामकुमार उर्फ चिनकू यादव, मकसूदन अग्रहरि, अशोक अग्रहरि, विनोद श्रीवास्तव उर्फ पप्पू भैया, राजू पाल और श्याम सुंदर अग्रहरि प्रमुख थे। स्थानीय लोग, श्रद्धालु और विभिन्न हिन्दू संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मां वटवासिनी महाकाली के सिद्धपीठ पर आयोजित इस सम्मेलन ने क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरण का माहौल बनाया। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बताया और भविष्य में ऐसे आयोजनों को जारी रखने की बात कही।









































