महाराजगंज जिले में शनिवार को कड़ाके की ठंड दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे गलन बढ़ गई और जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह से ही शीतलहर का असर महसूस किया गया, हालांकि कोहरे की तीव्रता कम रही। ठंड के कारण सुबह घर से निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। मजदूर, किसान और नौकरीपेशा लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेते दिखे। ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर लोग अलाव जलाकर राहत पाने की कोशिश करते नजर आए। बाजारों में भी सुबह के समय सन्नाटा पसरा रहा। इस तेज ठंड का असर बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि ऐसे मौसम में सर्दी-खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों को सुबह-शाम विशेष सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और ठंडी हवा से बचाव करने की सलाह दी है। किसानों के लिए भी यह ठंड चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। हालांकि गेहूं और सरसों जैसी फसलों के लिए हल्की ठंड फायदेमंद होती है, लेकिन लगातार गिरते तापमान से पाले का खतरा बना हुआ है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को अपनी फसलों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंडक जारी रहने की संभावना जताई है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की है।
निचलौल में कड़ाके की ठंड, तापमान 7 डिग्री पहुंचा: गलन से जनजीवन हुआ प्रभावित – Nichlaul News
महाराजगंज जिले में शनिवार को कड़ाके की ठंड दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे गलन बढ़ गई और जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह से ही शीतलहर का असर महसूस किया गया, हालांकि कोहरे की तीव्रता कम रही। ठंड के कारण सुबह घर से निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। मजदूर, किसान और नौकरीपेशा लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेते दिखे। ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर लोग अलाव जलाकर राहत पाने की कोशिश करते नजर आए। बाजारों में भी सुबह के समय सन्नाटा पसरा रहा। इस तेज ठंड का असर बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि ऐसे मौसम में सर्दी-खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों को सुबह-शाम विशेष सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और ठंडी हवा से बचाव करने की सलाह दी है। किसानों के लिए भी यह ठंड चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। हालांकि गेहूं और सरसों जैसी फसलों के लिए हल्की ठंड फायदेमंद होती है, लेकिन लगातार गिरते तापमान से पाले का खतरा बना हुआ है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को अपनी फसलों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंडक जारी रहने की संभावना जताई है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की है।









































