बस्ती में बैरिस्टर बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया की स्मृति में अमहट पुल के पास एक स्मृतिद्वार स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। वे समाजवादी विचारधारा के समर्थक, सामाजिक न्याय के लिए संघर्षशील रहे और काका कालेलकर आयोग के वरिष्ठ सदस्य तथा लोक अदालत के जनक थे। इस स्मृतिद्वार की स्थापना के लिए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष और बस्ती सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव के प्रयासों की सराहना की गई है। समाजवादी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने इसे सामाजिक न्याय तथा समाजवादी मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया है। बैरिस्टर बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया ने अपने जीवनकाल में वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया था। इस अवसर पर राजेंद्र चौरसिया ने विधायक महेंद्र नाथ यादव को बधाई और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह स्मृतिद्वार केवल एक संरचना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों का संदेश देगा। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी ऐसे महापुरुषों के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि अमहट पुल जैसे प्रमुख स्थान पर इस स्मृतिद्वार की स्थापना से शहर की पहचान मजबूत होगी। साथ ही, यह युवाओं को समाज सेवा और न्याय के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगा।
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