नरबलि मामले में दोषी करार दिए गए अनूप वर्मा को न्यायालय ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इस फैसले से पीड़ित बच्चे के माता-पिता ने संतुष्टि व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने न्याय किया है। यह मामला मार्च 2023 का है, जब पिता किशुन लाल ने कोतवाली नानपारा में अपने बेटे की नरबलि का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना उस समय हुई जब पीड़ित बच्चे के माता-पिता अपने रिश्तेदारों के यहां गए हुए थे। मृतक बच्चे के पिता ने बताया कि वह चार भाइयों में सबसे छोटे हैं और उनके बड़े भाई के बेटे ने ही अपने चचेरे भाई की हत्या की थी। मृतक की मां किरन देवी ने बताया कि उनके दो बेटे थे, जिनमें से एक की हत्या जेठ के लड़के ने कर दी। बेटे की मौत के सदमे में उन्हें दिल की बीमारी हो गई, जिसका इलाज आज भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे का हत्यारा भी वहीं जाए जहां उनका बेटा गया है, तभी उन्हें और उनके परिवार को संतुष्टि मिलेगी। वहीं, मृत्युदंड और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा पाए अनूप वर्मा की मां घर के आंगन में बैठी रो रही थीं। बार-बार पूछने पर भी उन्होंने अपने बेटे के कृत्य और सजा पर कुछ नहीं कहा और साड़ी के पल्लू से आंसू पोंछती रहीं। अनूप की पत्नी संगीता भी सामने आईं, लेकिन सवालों के जवाब में खामोश रहीं। अनूप और संगीता की शादी सात साल पहले हुई थी और उनका एक पांच साल का बेटा सत्यम है। गांव वालों में से कुछ ने इस सजा को ईश्वर का न्याय बताया, जबकि कई लोगों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। सजा सुनाए जाने के बाद अनूप के घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। अब अनूप को फांसी पर कब लटकाया जाएगा, इसका इंतजार है।
नरबलि मामले में दोषी को मृत्युदंड: पीड़ित माता-पिता बोले, ‘ईश्वर ने न्याय किया’ – Nanpara Dehati(Nanpara) News
नरबलि मामले में दोषी करार दिए गए अनूप वर्मा को न्यायालय ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इस फैसले से पीड़ित बच्चे के माता-पिता ने संतुष्टि व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने न्याय किया है। यह मामला मार्च 2023 का है, जब पिता किशुन लाल ने कोतवाली नानपारा में अपने बेटे की नरबलि का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना उस समय हुई जब पीड़ित बच्चे के माता-पिता अपने रिश्तेदारों के यहां गए हुए थे। मृतक बच्चे के पिता ने बताया कि वह चार भाइयों में सबसे छोटे हैं और उनके बड़े भाई के बेटे ने ही अपने चचेरे भाई की हत्या की थी। मृतक की मां किरन देवी ने बताया कि उनके दो बेटे थे, जिनमें से एक की हत्या जेठ के लड़के ने कर दी। बेटे की मौत के सदमे में उन्हें दिल की बीमारी हो गई, जिसका इलाज आज भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे का हत्यारा भी वहीं जाए जहां उनका बेटा गया है, तभी उन्हें और उनके परिवार को संतुष्टि मिलेगी। वहीं, मृत्युदंड और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा पाए अनूप वर्मा की मां घर के आंगन में बैठी रो रही थीं। बार-बार पूछने पर भी उन्होंने अपने बेटे के कृत्य और सजा पर कुछ नहीं कहा और साड़ी के पल्लू से आंसू पोंछती रहीं। अनूप की पत्नी संगीता भी सामने आईं, लेकिन सवालों के जवाब में खामोश रहीं। अनूप और संगीता की शादी सात साल पहले हुई थी और उनका एक पांच साल का बेटा सत्यम है। गांव वालों में से कुछ ने इस सजा को ईश्वर का न्याय बताया, जबकि कई लोगों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। सजा सुनाए जाने के बाद अनूप के घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। अब अनूप को फांसी पर कब लटकाया जाएगा, इसका इंतजार है।









































