बनकशिया में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन सुदामा चरित्र का सुंदर वर्णन किया गया। इसे सुनकर उपस्थित भक्त भाव विभोर हो गए। पंडित जी ने सुदामा का वेश धारण कर कथा का प्रस्तुतिकरण किया। मुख्य यजमान भुवाल सिंह ने कहा कि सुदामा की कहानी हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता आज के समय में नई दिशा देती है। कथा के मुख्य आयोजक अजीत प्रताप सिंह और अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि यह आयोजन उनके पिताजी की चारों धाम यात्रा पूरी होने के उपरांत किया गया है। उन्होंने कहा कि इस कथा को सुनकर उनका परिवार और सभी उपस्थित भक्त धन्य महसूस कर रहे हैं। कथा का आयोजन बड़े ही धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर आई.के.एस. इंटर कॉलेज बनकशिया के प्रधानाचार्य आशुतोष कुमार सिंह, प्रधानाध्यापक अरविंद प्रताप सिंह, अखिलेन्द्र प्रताप सिंह, यमुना प्रसाद वर्मा, आशीष वर्मा, अनिल कुमार वर्मा और राकेश पांडे सहित कई भक्तगण उपस्थित रहे। श्री भरत सिंह ने भी इस आयोजन को भव्य बताया।
सुदामा चरित्र सुनकर भक्त हुए भाव विभोर:बनकशिया में श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन हुआ वर्णन
बनकशिया में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन सुदामा चरित्र का सुंदर वर्णन किया गया। इसे सुनकर उपस्थित भक्त भाव विभोर हो गए। पंडित जी ने सुदामा का वेश धारण कर कथा का प्रस्तुतिकरण किया। मुख्य यजमान भुवाल सिंह ने कहा कि सुदामा की कहानी हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता आज के समय में नई दिशा देती है। कथा के मुख्य आयोजक अजीत प्रताप सिंह और अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि यह आयोजन उनके पिताजी की चारों धाम यात्रा पूरी होने के उपरांत किया गया है। उन्होंने कहा कि इस कथा को सुनकर उनका परिवार और सभी उपस्थित भक्त धन्य महसूस कर रहे हैं। कथा का आयोजन बड़े ही धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर आई.के.एस. इंटर कॉलेज बनकशिया के प्रधानाचार्य आशुतोष कुमार सिंह, प्रधानाध्यापक अरविंद प्रताप सिंह, अखिलेन्द्र प्रताप सिंह, यमुना प्रसाद वर्मा, आशीष वर्मा, अनिल कुमार वर्मा और राकेश पांडे सहित कई भक्तगण उपस्थित रहे। श्री भरत सिंह ने भी इस आयोजन को भव्य बताया।









































