श्रावस्ती पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के नेतृत्व में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को शून्य करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ज़ीरो फेटालिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) पहल के अंतर्गत पुलिस लाइन के लव कुश सभागार कक्ष में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन), गोल्डन आवर के दौरान की जाने वाली आवश्यक कार्रवाई तथा eDAR (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) से संबंधित विस्तृत और व्यावहारिक जानकारी दी गई। जिला चिकित्सालय भिनगा से डॉक्टर शिवपूजन मौर्या ने सीपीआर के संबंध में वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। उन्होंने दुर्घटना पीड़ितों को प्राथमिक उपचार देने की सही विधि, सीपीआर के विभिन्न चरणों, सावधानियों तथा गोल्डन आवर के दौरान जीवन रक्षक कदमों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि दुर्घटना के तुरंत बाद पीड़ित को त्वरित, सही और प्रभावी सहायता मिल सके, जिससे उसकी जान बचाई जा सके। पुलिस कर्मियों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार किया गया। इसके अतिरिक्त, यातायात प्रबंधन एवं प्रवर्तन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले आधुनिक उपकरणों जैसे स्पीड रडार, बॉडी वॉर्न कैमरा और ब्रीथ एनालाइज़र के संचालन एवं उपयोग का भी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इन उपकरणों के माध्यम से यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण, पारदर्शिता तथा सड़क सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। यह प्रशिक्षण पुलिस बल की कार्यकुशलता बढ़ाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण में थानों पर गठित क्रिटिकल कॉरिडोर टीम, जांच अधिकारी (IOs), यातायात पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी तथा रिक्रूट आरक्षियों ने सहभागिता की। भविष्य में भी ज़ीरो फेटालिटी डिस्ट्रिक्ट के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त करने के लिए थानों पर गठित पुलिस द्वारा इस प्रकार के जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।









































