डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के देईपार में चल रहे श्रीराम लीला कार्यक्रम में शुक्रवार रात बकासुर और काग़ासुर वध का सजीव मंचन किया गया। इस दौरान लीला मंचन देखकर दर्शक भाव-विभोर हो गए। ‘जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी’ के उद्घोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। कलाकारों ने दर्शाया कि पूतना, तृणावर्त और वत्सासुर के वध से चिंतित कंस ने कृष्ण को मारने के लिए बकासुर और काग़ासुर को भेजा। बकासुर ने एक विशाल बगुले का रूप धारण कर गोकुल में प्रवेश किया। कृष्ण ने उसे पहचान लिया। बकासुर ने कृष्ण को निगल लिया, लेकिन कृष्ण ने उसके पेट में तीव्र जलन पैदा की। असहज होकर बकासुर ने कृष्ण को बाहर निकाल दिया। जब बकासुर ने अपनी चोंच से हमला करने का प्रयास किया, तो कृष्ण ने उसकी चोंच पकड़कर गर्दन मरोड़ दी और उसका वध कर दिया। बकासुर के वध के बाद कंस ने कृष्ण को मारने के लिए काग़ासुर को भेजा। इस कार्यक्रम में श्रीराम सहित चारों भाइयों के जन्म से लेकर ताड़का वध तक का भी मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम के जन्म का मंचन देखकर दर्शक अत्यंत प्रसन्न हुए और पूरा पंडाल ‘जय श्री राम’ के जयघोष से गूंज उठा। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर अपनी खुशी व्यक्त की।
देईपार में बकासुर और कागासुर वध का मंचन:श्रीराम लीला कार्यक्रम में दर्शकों ने लगाए जयकारे
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के देईपार में चल रहे श्रीराम लीला कार्यक्रम में शुक्रवार रात बकासुर और काग़ासुर वध का सजीव मंचन किया गया। इस दौरान लीला मंचन देखकर दर्शक भाव-विभोर हो गए। ‘जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी’ के उद्घोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। कलाकारों ने दर्शाया कि पूतना, तृणावर्त और वत्सासुर के वध से चिंतित कंस ने कृष्ण को मारने के लिए बकासुर और काग़ासुर को भेजा। बकासुर ने एक विशाल बगुले का रूप धारण कर गोकुल में प्रवेश किया। कृष्ण ने उसे पहचान लिया। बकासुर ने कृष्ण को निगल लिया, लेकिन कृष्ण ने उसके पेट में तीव्र जलन पैदा की। असहज होकर बकासुर ने कृष्ण को बाहर निकाल दिया। जब बकासुर ने अपनी चोंच से हमला करने का प्रयास किया, तो कृष्ण ने उसकी चोंच पकड़कर गर्दन मरोड़ दी और उसका वध कर दिया। बकासुर के वध के बाद कंस ने कृष्ण को मारने के लिए काग़ासुर को भेजा। इस कार्यक्रम में श्रीराम सहित चारों भाइयों के जन्म से लेकर ताड़का वध तक का भी मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम के जन्म का मंचन देखकर दर्शक अत्यंत प्रसन्न हुए और पूरा पंडाल ‘जय श्री राम’ के जयघोष से गूंज उठा। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर अपनी खुशी व्यक्त की।









































