पयागपुर और विशेश्वरगंज वन्य क्षेत्रों को अब बहराइच वन्य प्रभाग में शामिल कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश शासन की विशेष सचिव नीरजा सक्सेना ने 9 जनवरी को इस संबंध में आदेश जारी किए। यह बदलाव पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी के प्रयासों के बाद हुआ है, जिससे ये क्षेत्र श्रावस्ती वन्य प्रभाग से अलग हो गए हैं। विधायक सुभाष त्रिपाठी ने बताया कि 25 मई 1997 को श्रावस्ती जनपद का गठन होने के बाद जून 1997 में पयागपुर और विशेश्वरगंज क्षेत्रों को श्रावस्ती वन प्रभाग में शामिल किया गया था। भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से इन क्षेत्रों के निवासियों की मांग पर, तत्कालीन एमएलसी सुभाष त्रिपाठी के प्रयासों से पयागपुर तहसील और ये दोनों क्षेत्र एक बार फिर बहराइच में शामिल कर लिए गए थे। हालांकि, प्रशासनिक रूप से बहराइच में शामिल होने के बावजूद, इन क्षेत्रों का वन्य प्रशासन श्रावस्ती वन प्रभाग से ही संचालित होता रहा। इससे स्थानीय निवासियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था और विकास कार्यों के लिए भी लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। विधायक पयागपुर ने इस समस्या के समाधान के लिए शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए। अंततः, 9 जनवरी को शासन की विशेष सचिव नीरजा सक्सेना द्वारा पयागपुर और विशेश्वरगंज को श्रावस्ती के बजाय बहराइच वन प्रभाग में शामिल करने के आदेश जारी कर दिए गए। क्षेत्रीय लोगों ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए विधायक सुभाष त्रिपाठी के प्रति आभार व्यक्त किया है।
पयागपुर, विशेश्वरगंज वन क्षेत्र बहराइच वन प्रभाग में शामिल: विधायक सुभाष त्रिपाठी के प्रयासों से श्रावस्ती वन प्रभाग से अलग हुए – Payagpur News
पयागपुर और विशेश्वरगंज वन्य क्षेत्रों को अब बहराइच वन्य प्रभाग में शामिल कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश शासन की विशेष सचिव नीरजा सक्सेना ने 9 जनवरी को इस संबंध में आदेश जारी किए। यह बदलाव पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी के प्रयासों के बाद हुआ है, जिससे ये क्षेत्र श्रावस्ती वन्य प्रभाग से अलग हो गए हैं। विधायक सुभाष त्रिपाठी ने बताया कि 25 मई 1997 को श्रावस्ती जनपद का गठन होने के बाद जून 1997 में पयागपुर और विशेश्वरगंज क्षेत्रों को श्रावस्ती वन प्रभाग में शामिल किया गया था। भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से इन क्षेत्रों के निवासियों की मांग पर, तत्कालीन एमएलसी सुभाष त्रिपाठी के प्रयासों से पयागपुर तहसील और ये दोनों क्षेत्र एक बार फिर बहराइच में शामिल कर लिए गए थे। हालांकि, प्रशासनिक रूप से बहराइच में शामिल होने के बावजूद, इन क्षेत्रों का वन्य प्रशासन श्रावस्ती वन प्रभाग से ही संचालित होता रहा। इससे स्थानीय निवासियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था और विकास कार्यों के लिए भी लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। विधायक पयागपुर ने इस समस्या के समाधान के लिए शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए। अंततः, 9 जनवरी को शासन की विशेष सचिव नीरजा सक्सेना द्वारा पयागपुर और विशेश्वरगंज को श्रावस्ती के बजाय बहराइच वन प्रभाग में शामिल करने के आदेश जारी कर दिए गए। क्षेत्रीय लोगों ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए विधायक सुभाष त्रिपाठी के प्रति आभार व्यक्त किया है।









































