ग्राम सभा बैरिया के दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्री शतचंडी महायज्ञ के पावन अवसर पर आदर्श रामलीला मंडली, बरोहिया द्वारा ‘शबरी-राम मिलाप’ प्रसंग का मंचन किया गया। इस जीवंत प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भक्ति-विभोर कर दिया। लीला की शुरुआत में वृद्ध शबरी को अपने आराध्य प्रभु श्री राम के आगमन की प्रतीक्षा करते हुए दिखाया गया। वह प्रतिदिन अपनी कुटिया की सफाई करती और मीठे बेर चुनकर रखती थीं। जब प्रभु श्री राम लक्ष्मण के साथ शबरी की कुटिया में पहुँचे, तो शबरी की आँखों से आँसू बहने लगे। उन्होंने प्रभु को चख-चख कर जूठे बेर खिलाए, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया। बरोहिया मंडली के कलाकारों ने अपने संवादों और अभिनय से यह संदेश दिया कि ईश्वर केवल प्रेम और भक्ति के भूखे होते हैं। वे जात-पात और ऊंच-नीच का भेद नहीं करते। यज्ञ समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि शतचंडी महायज्ञ के कारण पूरे क्षेत्र का वातावरण शुद्ध और आध्यात्मिक हो गया है। श्रीराम चौराहा स्थित दुर्गा मंदिर पर क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। ‘जय श्री राम’ और ‘माँ दुर्गा’ के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
बैरिया में शबरी-राम मिलाप का मंचन: आदर्श रामलीला मंडली ने प्रस्तुत किया मार्मिक प्रसंग – Pakari Bishunpur(Maharajganj sadar) News
ग्राम सभा बैरिया के दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्री शतचंडी महायज्ञ के पावन अवसर पर आदर्श रामलीला मंडली, बरोहिया द्वारा ‘शबरी-राम मिलाप’ प्रसंग का मंचन किया गया। इस जीवंत प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भक्ति-विभोर कर दिया। लीला की शुरुआत में वृद्ध शबरी को अपने आराध्य प्रभु श्री राम के आगमन की प्रतीक्षा करते हुए दिखाया गया। वह प्रतिदिन अपनी कुटिया की सफाई करती और मीठे बेर चुनकर रखती थीं। जब प्रभु श्री राम लक्ष्मण के साथ शबरी की कुटिया में पहुँचे, तो शबरी की आँखों से आँसू बहने लगे। उन्होंने प्रभु को चख-चख कर जूठे बेर खिलाए, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया। बरोहिया मंडली के कलाकारों ने अपने संवादों और अभिनय से यह संदेश दिया कि ईश्वर केवल प्रेम और भक्ति के भूखे होते हैं। वे जात-पात और ऊंच-नीच का भेद नहीं करते। यज्ञ समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि शतचंडी महायज्ञ के कारण पूरे क्षेत्र का वातावरण शुद्ध और आध्यात्मिक हो गया है। श्रीराम चौराहा स्थित दुर्गा मंदिर पर क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। ‘जय श्री राम’ और ‘माँ दुर्गा’ के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।









































