श्रावस्ती पहुंचीं राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष:एनआरसी, जिला अस्पताल और वन स्टॉप सेंटर का दौरा; बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जोर

1
Advertisement

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी शुक्रवार को श्रावस्ती पहुंचीं और संयुक्त जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का निरीक्षण किया। उन्होंने एनआरसी में भर्ती बच्चों और उनके परिजनों से स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एनआरसी में पांच महिलाएं भर्ती थीं। उपाध्यक्ष ने बच्चों के इलाज में सेवाभाव देखकर संतोष व्यक्त किया और एनआरसी टीम को भविष्य में भी बेहतर सेवाएं देने के निर्देश दिए। उपाध्यक्ष ने संयुक्त जिला चिकित्सालय के ओपीडी, एसएनसीयू, जच्चा-बच्चा वार्ड, महिला वार्ड और लेबर रूम सहित विभिन्न विभागों का दौरा किया। भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके इलाज और सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था और गर्भवती महिलाओं के खान-पान, दवा-इलाज और टीकाकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। वन स्टॉप सेंटर में सख्त समीक्षा कलेक्ट्रेट परिसर के पीछे स्थित महिला कल्याण विभाग के वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण करते हुए चारू चौधरी ने रजिस्टर रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था, स्टाफ की उपस्थिति और स्वच्छता की समीक्षा की। सेंटर में साफ-सफाई संतोषजनक न पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई और प्रतिदिन समुचित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेंटर पर आने वाली महिलाओं और बालिकाओं को सभी कानूनी, चिकित्सा और पुनर्वास संबंधी सुविधाएं समयबद्ध और प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जाएं। शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और बालिकाओं का कल्याण चारू चौधरी ने निरीक्षण भवन में महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के प्रभावी संचालन का निर्देश दिया। आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्था मजबूत करने, पोषाहार वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और नियमित निगरानी की भी हिदायत दी। महिला सशक्तिकरण और जन-जागरूकता पर जोर उपाध्यक्ष ने महिला आयोग और शासन की कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को बालिकाओं को शिक्षित कर समाज में समान अधिकार दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं की शिक्षा व स्वास्थ्य के प्रति समाज को जागरूक करने पर विशेष बल दिया। स्वयं सहायता समूहों से संवाद और प्रोत्साहन दौरे के दौरान चारू चौधरी ने स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं से संवाद किया और उनके द्वारा निर्मित उत्पादों की जानकारी ली। एसएचजी की महिलाओं ने उन्हें गेहूं के डंठल से बनी कलाकृति भेंट की। उपाध्यक्ष ने महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

यहां भी पढ़े:  श्रावस्ती में नाली-खड़ंजा क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों को परेशानी:प्रशासन से कार्रवाई की मांग, कई महीनों से सफाई नहीं
Advertisement