विकासखंड मिठौरा क्षेत्र के ग्रामसभा पतरेंगवा टोला अरनहवा स्थित समय माता मंदिर पर आयोजित नवदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन ऊषा-अनिरुद्ध हरण का प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक पंडित शिव शरण दुबे ने इस प्रसंग का वर्णन किया। कथावाचक ने बताया कि असुरराज बाणासुर की पुत्री ऊषा ने स्वप्न में भगवान श्रीकृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध को देखा और उनसे प्रेम कर बैठीं। अपनी सखी चित्रलेखा की सहायता से ऊषा ने अनिरुद्ध को द्वारका से लाकर अपने महल में छिपा लिया। जब यह बात बाणासुर को ज्ञात हुई तो उसने अनिरुद्ध को बंदी बना लिया। इस पर भगवान श्रीकृष्ण, बलराम सहित यादव सेना बाणासुर की राजधानी शोनितपुर पहुँची। भगवान शिव के वरदान से अहंकार में चूर बाणासुर ने युद्ध छेड़ा, किंतु भगवान श्रीकृष्ण के पराक्रम के आगे उसे पराजय स्वीकार करनी पड़ी। भगवान शिव के हस्तक्षेप से बाणासुर का वध नहीं हुआ, बल्कि उसका अहंकार समाप्त हुआ और अंततः ऊषा–अनिरुद्ध का विवाह संपन्न हुआ। इस दौरान कथा श्रवण के लिए सुदामा प्रजापति, गोवारी यादव, वीरेंद्र यादव, प्रसूति यादव, रामहरक, बाबूलाल यादव सहित ग्राम के दर्जनों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्रीमद्भागवत कथा में ऊषा-अनिरुद्ध प्रसंग का वर्णन: मिठौरा के समय माता मंदिर में कथावाचक ने सुनाया प्रसंग – Mohanpur(Nichlaul) News
विकासखंड मिठौरा क्षेत्र के ग्रामसभा पतरेंगवा टोला अरनहवा स्थित समय माता मंदिर पर आयोजित नवदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन ऊषा-अनिरुद्ध हरण का प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक पंडित शिव शरण दुबे ने इस प्रसंग का वर्णन किया। कथावाचक ने बताया कि असुरराज बाणासुर की पुत्री ऊषा ने स्वप्न में भगवान श्रीकृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध को देखा और उनसे प्रेम कर बैठीं। अपनी सखी चित्रलेखा की सहायता से ऊषा ने अनिरुद्ध को द्वारका से लाकर अपने महल में छिपा लिया। जब यह बात बाणासुर को ज्ञात हुई तो उसने अनिरुद्ध को बंदी बना लिया। इस पर भगवान श्रीकृष्ण, बलराम सहित यादव सेना बाणासुर की राजधानी शोनितपुर पहुँची। भगवान शिव के वरदान से अहंकार में चूर बाणासुर ने युद्ध छेड़ा, किंतु भगवान श्रीकृष्ण के पराक्रम के आगे उसे पराजय स्वीकार करनी पड़ी। भगवान शिव के हस्तक्षेप से बाणासुर का वध नहीं हुआ, बल्कि उसका अहंकार समाप्त हुआ और अंततः ऊषा–अनिरुद्ध का विवाह संपन्न हुआ। इस दौरान कथा श्रवण के लिए सुदामा प्रजापति, गोवारी यादव, वीरेंद्र यादव, प्रसूति यादव, रामहरक, बाबूलाल यादव सहित ग्राम के दर्जनों श्रद्धालु उपस्थित रहे।





































