महराजगंज में उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ ने ‘जी राम जी अधिनियम’ को भ्रष्टाचार पर सीधी डिजिटल चोट बताया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था मनरेगा जैसी योजनाओं की तुलना में कहीं अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह है। मंत्री ने यह बात भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। बिचौलियों की भूमिका होगी खत्म डॉ. मिश्रा ने कहा कि इस अधिनियम में तकनीक के माध्यम से पात्रता निर्धारण, भुगतान और निगरानी की व्यवस्था की गई है, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो जाती है। उन्होंने मनरेगा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां फर्जी जॉब कार्ड, भुगतान में देरी और अधूरे कार्यों जैसी शिकायतें आती रही हैं, जबकि ‘जी राम जी अधिनियम’ इन कमियों को पूरी तरह दूर करता है। 185 दिन रोजगार की गारंटी मंत्री ने बताया कि पहले प्रति परिवार 100 दिन रोजगार की व्यवस्था थी, जिसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, यानी 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसके अलावा खेती से जुड़े कार्यों के लिए 60 दिन अलग से आरक्षित किए गए हैं। इस तरह कुल 185 दिन रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की गई है। समय पर भुगतान, नहीं तो ब्याज सहित पैसा डॉ. मिश्रा ने कहा कि मजदूरी का भुगतान अब साप्ताहिक किया जाएगा। यदि सात दिनों के भीतर भुगतान नहीं होता है, तो मजदूर को ब्याज सहित पैसा मिलेगा। वहीं यदि 15 दिनों के भीतर काम नहीं दिया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देने का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है। जीपीएस से निगरानी, साल में दो बार सोशल ऑडिट उन्होंने बताया कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए जीपीएस आधारित निगरानी, साप्ताहिक सार्वजनिक डेटा प्रकाशन, वर्ष में दो बार सामाजिक ऑडिट और केंद्र व राज्य स्तर पर स्टेयरिंग कमेटियों का गठन किया गया है। मंत्री ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को सिर्फ कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि विकास से जुड़ी मजबूत गारंटी के रूप में स्थापित करता है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी की सराहना इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय ने कहा कि ‘जी राम जी अधिनियम’ पारदर्शी शासन की पहचान बनेगा और योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचेगा। पत्रकार वार्ता में जिला महामंत्री राजेश उर्फ बबलू यादव और जिला मीडिया प्रभारी संजीव शुक्ला भी मौजूद रहे।
‘जी राम जी अधिनियम’ भ्रष्टाचार पर डिजिटल स्ट्राइक: निचलौल में मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा बोले- मनरेगा से ज्यादा पारदर्शी – Nichlaul News
महराजगंज में उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ ने ‘जी राम जी अधिनियम’ को भ्रष्टाचार पर सीधी डिजिटल चोट बताया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था मनरेगा जैसी योजनाओं की तुलना में कहीं अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह है। मंत्री ने यह बात भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। बिचौलियों की भूमिका होगी खत्म डॉ. मिश्रा ने कहा कि इस अधिनियम में तकनीक के माध्यम से पात्रता निर्धारण, भुगतान और निगरानी की व्यवस्था की गई है, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो जाती है। उन्होंने मनरेगा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां फर्जी जॉब कार्ड, भुगतान में देरी और अधूरे कार्यों जैसी शिकायतें आती रही हैं, जबकि ‘जी राम जी अधिनियम’ इन कमियों को पूरी तरह दूर करता है। 185 दिन रोजगार की गारंटी मंत्री ने बताया कि पहले प्रति परिवार 100 दिन रोजगार की व्यवस्था थी, जिसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, यानी 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसके अलावा खेती से जुड़े कार्यों के लिए 60 दिन अलग से आरक्षित किए गए हैं। इस तरह कुल 185 दिन रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की गई है। समय पर भुगतान, नहीं तो ब्याज सहित पैसा डॉ. मिश्रा ने कहा कि मजदूरी का भुगतान अब साप्ताहिक किया जाएगा। यदि सात दिनों के भीतर भुगतान नहीं होता है, तो मजदूर को ब्याज सहित पैसा मिलेगा। वहीं यदि 15 दिनों के भीतर काम नहीं दिया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देने का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है। जीपीएस से निगरानी, साल में दो बार सोशल ऑडिट उन्होंने बताया कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए जीपीएस आधारित निगरानी, साप्ताहिक सार्वजनिक डेटा प्रकाशन, वर्ष में दो बार सामाजिक ऑडिट और केंद्र व राज्य स्तर पर स्टेयरिंग कमेटियों का गठन किया गया है। मंत्री ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को सिर्फ कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि विकास से जुड़ी मजबूत गारंटी के रूप में स्थापित करता है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी की सराहना इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय ने कहा कि ‘जी राम जी अधिनियम’ पारदर्शी शासन की पहचान बनेगा और योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचेगा। पत्रकार वार्ता में जिला महामंत्री राजेश उर्फ बबलू यादव और जिला मीडिया प्रभारी संजीव शुक्ला भी मौजूद रहे।









































