तुलसीपुर क्षेत्र के ग्राम प्रेम नगर में शुद्ध पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। ‘हर घर जल जीवन मिशन’ के तहत ढाई करोड़ रुपये से अधिक की लागत से योजना स्वीकृत और निर्मित होने के बावजूद ग्रामीण आज भी शुद्ध पेयजल से वंचित हैं। इस स्थिति को लेकर गांव में गहरा आक्रोश है और ग्रामीण संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, प्रेम नगर में जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत कुल 2 करोड़ 68 लाख 81 हजार रुपये की लागत से वाटर टैंक और पेयजल आपूर्ति योजना का निर्माण कराया गया था। योजना का मुख्य उद्देश्य गांव के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाना था। हालांकि, योजना को पूर्ण हुए दो वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आज तक गांव में पाइपलाइन का विस्तार नहीं किया गया है, जिसके कारण पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक विशाल वाटर टैंक तो बना दिया गया है, लेकिन उससे पानी पहुंचाने की बुनियादी व्यवस्था अधूरी छोड़ दी गई है। इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग प्रतीत होता है, बल्कि ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अब भी हैंडपंप और अन्य जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में पानी की समस्या और भी विकट हो जाती है। इस संबंध में ग्राम प्रधान हरिश्चंद्र शर्मा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि योजना पूरी हुए दो वर्ष से अधिक हो गए हैं, लेकिन अभी तक गांव में पाइपलाइन बिछाने का कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यदायी संस्था जल निगम उत्तर प्रदेश द्वारा अधूरा कार्य कर छोड़ दिया गया है। कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया है। ग्राम प्रधान ने कहा कि यदि समय रहते पाइपलाइन का कार्य पूरा कर लिया जाता, तो आज प्रेम नगर के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की समस्या से जूझना नहीं पड़ता।
हर घर जल योजना, प्रेम नगर में पानी नहीं:करोड़ों खर्च के बाद भी 2 साल से पाइपलाइन विस्तार नहीं
तुलसीपुर क्षेत्र के ग्राम प्रेम नगर में शुद्ध पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। ‘हर घर जल जीवन मिशन’ के तहत ढाई करोड़ रुपये से अधिक की लागत से योजना स्वीकृत और निर्मित होने के बावजूद ग्रामीण आज भी शुद्ध पेयजल से वंचित हैं। इस स्थिति को लेकर गांव में गहरा आक्रोश है और ग्रामीण संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, प्रेम नगर में जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत कुल 2 करोड़ 68 लाख 81 हजार रुपये की लागत से वाटर टैंक और पेयजल आपूर्ति योजना का निर्माण कराया गया था। योजना का मुख्य उद्देश्य गांव के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाना था। हालांकि, योजना को पूर्ण हुए दो वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आज तक गांव में पाइपलाइन का विस्तार नहीं किया गया है, जिसके कारण पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक विशाल वाटर टैंक तो बना दिया गया है, लेकिन उससे पानी पहुंचाने की बुनियादी व्यवस्था अधूरी छोड़ दी गई है। इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग प्रतीत होता है, बल्कि ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अब भी हैंडपंप और अन्य जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में पानी की समस्या और भी विकट हो जाती है। इस संबंध में ग्राम प्रधान हरिश्चंद्र शर्मा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि योजना पूरी हुए दो वर्ष से अधिक हो गए हैं, लेकिन अभी तक गांव में पाइपलाइन बिछाने का कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यदायी संस्था जल निगम उत्तर प्रदेश द्वारा अधूरा कार्य कर छोड़ दिया गया है। कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया है। ग्राम प्रधान ने कहा कि यदि समय रहते पाइपलाइन का कार्य पूरा कर लिया जाता, तो आज प्रेम नगर के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की समस्या से जूझना नहीं पड़ता।









































