बहराइच के नवाबगंज में हिंदू समाज के तत्वावधान में एक सम्मेलन का आयोजन किया गया। रविवार को बाबा मंगली नाथ शिव मंदिर परिसर में हुए इस आयोजन में रविशंकर महाराज ने मस्जिद, मदरसा और मिशनरियों से सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने हिंदू समाज को संगठित होकर एकजुट रहने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कथावाचक श्री रविशंकर महाराज ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदू समाज को संगठित करने के लिए पहले स्वयं में परिवर्तन लाना होगा। महाराज ने चिंता व्यक्त की कि समाज में लोग एक साथ बैठकर खान-पान तक नहीं करते, जिससे आपसी दूरी बढ़ रही है। रविशंकर महाराज ने कहा कि जब तक हम स्वयं नहीं बदलेंगे, तब तक समाज को संगठित करना संभव नहीं है। उन्होंने वर्तमान में भारत में हिंदू समाज की सुरक्षा को लेकर उत्पन्न हो रही चुनौतियों का मूल कारण सामाजिक भेदभाव और आपसी बिखराव बताया। उन्होंने सनातन धर्म के लोगों को जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया। महाराज ने विशेष रूप से आगाह किया कि जहां मस्जिद, मदरसा बन रहे हों या मिशनरी के लोग दिखाई दे रहे हों, वहां सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि अन्यथा इसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता सह प्रांत कार्यवाहक अवध प्रांत संजय ने भी सनातनियों को संगठित होने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता से ही समाज और राष्ट्र सशक्त बनता है, और सभी वर्गों को साथ लेकर चलना ही हिंदू समाज की वास्तविक शक्ति है। इस अवसर पर संयोजक डॉ. शिवेंद्र, सह संयोजक अतुल सिंह, पिंटू गुप्ता, मनीष पांडेय, हर्षित सिंह, रिंकू सिंह, अनूप मिश्रा, आशीष पांडे, आशीष त्रिपाठी सहित ब्लॉक प्रमुख नवाबगंज जयप्रकाश सिंह और रूपैडिहा चेयरमैन उमा शंकर आदि मौजूद रहे और अपने विचार व्यक्त किए।
नवाबगंज में हिंदू सम्मेलन आयोजित: एकता और सतर्कता पर जोर दिया गया – Mirjapur Tilak(Nanpara) News
बहराइच के नवाबगंज में हिंदू समाज के तत्वावधान में एक सम्मेलन का आयोजन किया गया। रविवार को बाबा मंगली नाथ शिव मंदिर परिसर में हुए इस आयोजन में रविशंकर महाराज ने मस्जिद, मदरसा और मिशनरियों से सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने हिंदू समाज को संगठित होकर एकजुट रहने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कथावाचक श्री रविशंकर महाराज ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदू समाज को संगठित करने के लिए पहले स्वयं में परिवर्तन लाना होगा। महाराज ने चिंता व्यक्त की कि समाज में लोग एक साथ बैठकर खान-पान तक नहीं करते, जिससे आपसी दूरी बढ़ रही है। रविशंकर महाराज ने कहा कि जब तक हम स्वयं नहीं बदलेंगे, तब तक समाज को संगठित करना संभव नहीं है। उन्होंने वर्तमान में भारत में हिंदू समाज की सुरक्षा को लेकर उत्पन्न हो रही चुनौतियों का मूल कारण सामाजिक भेदभाव और आपसी बिखराव बताया। उन्होंने सनातन धर्म के लोगों को जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया। महाराज ने विशेष रूप से आगाह किया कि जहां मस्जिद, मदरसा बन रहे हों या मिशनरी के लोग दिखाई दे रहे हों, वहां सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि अन्यथा इसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता सह प्रांत कार्यवाहक अवध प्रांत संजय ने भी सनातनियों को संगठित होने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता से ही समाज और राष्ट्र सशक्त बनता है, और सभी वर्गों को साथ लेकर चलना ही हिंदू समाज की वास्तविक शक्ति है। इस अवसर पर संयोजक डॉ. शिवेंद्र, सह संयोजक अतुल सिंह, पिंटू गुप्ता, मनीष पांडेय, हर्षित सिंह, रिंकू सिंह, अनूप मिश्रा, आशीष पांडे, आशीष त्रिपाठी सहित ब्लॉक प्रमुख नवाबगंज जयप्रकाश सिंह और रूपैडिहा चेयरमैन उमा शंकर आदि मौजूद रहे और अपने विचार व्यक्त किए।









































