निचलौल रेंज के बिसोखोर गांव में तीन विशाल अजगर पाए गए। वन जीव रक्षक रामबचन साहनी की टीम ने उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू किया। ग्राम सभा बिसोखोर के टोला शंकरपुर में ग्रामीणों ने एक पोखरी के किनारे इन अजगरों को देखा। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना गांव के समाजसेवी अवशेष श्रीवास्तव को दी। अवशेष श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर वन जीव रक्षक रामबचन साहनी को घटना से अवगत कराया। साहनी की टीम ने काफी मशक्कत के बाद तीनों अजगरों को सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में, किशन निषाद, देवेंद्र पवन, बिक्की, राकेश कुमार, बिट्टू, रोहित, विवेक, चंदन, अशोक प्रजापति, अजित, आदित्य, जगन, कन्हई, रामप्रीत सहित कई ग्रामीणों के सहयोग से इन अजगरों को पास के बसूली जंगल में छोड़ दिया गया। वन दरोगा रविंद्र प्रताप ने बताया कि वनरक्षक रामबचन साहनी ने अजगरों को रेस्क्यू कर बसूली जंगल में छोड़ा है। उन्होंने ग्रामीणों को जंगली जानवर दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करने की सलाह भी दी।
बिसोखोर गांव में तीन विशाल अजगर मिले: वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा – Sabaya(Nichlaul) News
निचलौल रेंज के बिसोखोर गांव में तीन विशाल अजगर पाए गए। वन जीव रक्षक रामबचन साहनी की टीम ने उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू किया। ग्राम सभा बिसोखोर के टोला शंकरपुर में ग्रामीणों ने एक पोखरी के किनारे इन अजगरों को देखा। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना गांव के समाजसेवी अवशेष श्रीवास्तव को दी। अवशेष श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर वन जीव रक्षक रामबचन साहनी को घटना से अवगत कराया। साहनी की टीम ने काफी मशक्कत के बाद तीनों अजगरों को सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में, किशन निषाद, देवेंद्र पवन, बिक्की, राकेश कुमार, बिट्टू, रोहित, विवेक, चंदन, अशोक प्रजापति, अजित, आदित्य, जगन, कन्हई, रामप्रीत सहित कई ग्रामीणों के सहयोग से इन अजगरों को पास के बसूली जंगल में छोड़ दिया गया। वन दरोगा रविंद्र प्रताप ने बताया कि वनरक्षक रामबचन साहनी ने अजगरों को रेस्क्यू कर बसूली जंगल में छोड़ा है। उन्होंने ग्रामीणों को जंगली जानवर दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करने की सलाह भी दी।









































