महसी में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) आलोक प्रसाद पर ब्राह्मण होमगार्ड जवानों से अभद्रता के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। मामले में अब सवर्ण आर्मी और परशुराम सेना के हस्तक्षेप से प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। महसी तहसील में तैनात होमगार्ड जवान रमाकांत मिश्र, राजाराम शुक्ला और रामकुमार तिवारी ने एसडीएम आलोक प्रसाद पर गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। होमगार्ड जवानों ने इस संबंध में परशुराम सेना प्रकोष्ठ से समर्थन की मांग की थी। आरोप सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी को निर्देश दिए थे। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में होमगार्ड जवानों के आरोपों को तथ्यविहीन और निराधार बताया गया। हालांकि, होमगार्ड जवान इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं। इसी के चलते सवर्ण आर्मी और परशुराम सेना ने मामले में हस्तक्षेप किया है। परशुराम सेना प्रकोष्ठ की ओर से सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। होमगार्ड जवानों ने एसडीएम आलोक प्रसाद पर चोटी उखाड़ने, जूतों से मारने और भद्दी गालियां देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को लेकर जिले के सवर्ण समाज में रोष व्याप्त है। इस मामले में महसी विधायक सुरेश्वर सिंह ने भी होमगार्ड जवानों को भरोसा दिलाया है कि वे अपने सभी संबंधित दस्तावेज तैयार कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि न्याय मिल सके। सवर्ण आर्मी–परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष पंडित महेंद्र नाथ तिवारी ने एसडीएम आलोक प्रसाद के व्यवहार को आम जनमानस और कर्मचारियों के प्रति अनुचित बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पक्ष सहित होमगार्ड संघ के जिलाध्यक्ष भास्कर ने कहा कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो जिला, मंडल और प्रदेश स्तर पर करीब 1 लाख 18 हजार होमगार्ड जवान न्याय के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
महसी में एसडीएम पर अभद्रता के आरोपों से बढ़ा विवाद: होमगार्ड संघ जिलाध्यक्ष बोले- कार्रवाई नहीं हुई तो सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे – Mahsi News
महसी में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) आलोक प्रसाद पर ब्राह्मण होमगार्ड जवानों से अभद्रता के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। मामले में अब सवर्ण आर्मी और परशुराम सेना के हस्तक्षेप से प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। महसी तहसील में तैनात होमगार्ड जवान रमाकांत मिश्र, राजाराम शुक्ला और रामकुमार तिवारी ने एसडीएम आलोक प्रसाद पर गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। होमगार्ड जवानों ने इस संबंध में परशुराम सेना प्रकोष्ठ से समर्थन की मांग की थी। आरोप सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी को निर्देश दिए थे। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में होमगार्ड जवानों के आरोपों को तथ्यविहीन और निराधार बताया गया। हालांकि, होमगार्ड जवान इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं। इसी के चलते सवर्ण आर्मी और परशुराम सेना ने मामले में हस्तक्षेप किया है। परशुराम सेना प्रकोष्ठ की ओर से सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। होमगार्ड जवानों ने एसडीएम आलोक प्रसाद पर चोटी उखाड़ने, जूतों से मारने और भद्दी गालियां देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को लेकर जिले के सवर्ण समाज में रोष व्याप्त है। इस मामले में महसी विधायक सुरेश्वर सिंह ने भी होमगार्ड जवानों को भरोसा दिलाया है कि वे अपने सभी संबंधित दस्तावेज तैयार कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि न्याय मिल सके। सवर्ण आर्मी–परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष पंडित महेंद्र नाथ तिवारी ने एसडीएम आलोक प्रसाद के व्यवहार को आम जनमानस और कर्मचारियों के प्रति अनुचित बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पक्ष सहित होमगार्ड संघ के जिलाध्यक्ष भास्कर ने कहा कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो जिला, मंडल और प्रदेश स्तर पर करीब 1 लाख 18 हजार होमगार्ड जवान न्याय के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।









































