महाराजगंज में रामगोपाल हत्याकांड मामले में मंगलवार को न्यायालय ने 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। वहीं, तीन आरोपियों शकील अहमद, बबलू अफजल उर्फ कल्लू और खुर्शीद को दोषमुक्त कर दिया गया है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में एक बार फिर इस हत्याकांड की चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह मामला पिछले साल दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान 13 अक्टूबर को रामगोपाल मिश्रा की निर्मम हत्या से जुड़ा है। घटना के बाद 13 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया था। मंगलवार को जिन 10 लोगों को दोषी ठहराया गया है, उनमें अब्दुल हमीद और उनके तीन बेटे शाहिद सहित छह अन्य लोग शामिल हैं। इन दोषियों को 11 दिसंबर को सजा सुनाई जानी है। बुधवार को रेहुआ मंसूर स्थित रामगोपाल मिश्रा के घर पर उनकी पत्नी रोली मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे एक-एक दिन गिन रही हैं कि कब उनके पति के हत्यारों को सजा मिलेगी। रोली मिश्रा ने अब्दुल हमीद और उनके तीनों बेटों सहित सभी दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें फांसी नहीं मिलती है तो वे संतुष्ट नहीं होंगी। रोली मिश्रा ने उन तीन लोगों को भी कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की जिन्हें दोषमुक्त किया गया है। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का भी जिक्र किया, बताया कि नानपारा चीनी मिल में मिली नौकरी से कभी-कभी पैसा नहीं आता और 5000 रुपये की तनख्वाह से जीवन यापन मुश्किल है। उन्होंने सरकार से मिलकर अपनी बात रखने की इच्छा जताई। रामगोपाल की माता मुन्नी देवी ने भी रोते हुए कहा कि जैसे उनके बेटे को गोली मारकर हत्या की गई, वैसे ही सभी दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने अपनी लाचारी व्यक्त करते हुए कहा कि आज उनके घर में देखने वाला कोई नहीं है और उनके पति भी बीमार हैं, जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
रामगोपाल हत्याकांड मामले में 10 आरोपी दोषी करार: परिजन ने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की – Mahsi News
महाराजगंज में रामगोपाल हत्याकांड मामले में मंगलवार को न्यायालय ने 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। वहीं, तीन आरोपियों शकील अहमद, बबलू अफजल उर्फ कल्लू और खुर्शीद को दोषमुक्त कर दिया गया है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में एक बार फिर इस हत्याकांड की चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह मामला पिछले साल दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान 13 अक्टूबर को रामगोपाल मिश्रा की निर्मम हत्या से जुड़ा है। घटना के बाद 13 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया था। मंगलवार को जिन 10 लोगों को दोषी ठहराया गया है, उनमें अब्दुल हमीद और उनके तीन बेटे शाहिद सहित छह अन्य लोग शामिल हैं। इन दोषियों को 11 दिसंबर को सजा सुनाई जानी है। बुधवार को रेहुआ मंसूर स्थित रामगोपाल मिश्रा के घर पर उनकी पत्नी रोली मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे एक-एक दिन गिन रही हैं कि कब उनके पति के हत्यारों को सजा मिलेगी। रोली मिश्रा ने अब्दुल हमीद और उनके तीनों बेटों सहित सभी दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें फांसी नहीं मिलती है तो वे संतुष्ट नहीं होंगी। रोली मिश्रा ने उन तीन लोगों को भी कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की जिन्हें दोषमुक्त किया गया है। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का भी जिक्र किया, बताया कि नानपारा चीनी मिल में मिली नौकरी से कभी-कभी पैसा नहीं आता और 5000 रुपये की तनख्वाह से जीवन यापन मुश्किल है। उन्होंने सरकार से मिलकर अपनी बात रखने की इच्छा जताई। रामगोपाल की माता मुन्नी देवी ने भी रोते हुए कहा कि जैसे उनके बेटे को गोली मारकर हत्या की गई, वैसे ही सभी दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने अपनी लाचारी व्यक्त करते हुए कहा कि आज उनके घर में देखने वाला कोई नहीं है और उनके पति भी बीमार हैं, जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।






































