उत्तर प्रदेश के लोटन थाना क्षेत्र में एक साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें शिकायतकर्ता विकास कुमार को 12 घंटे के भीतर उनके ठगे गए ₹2000 वापस मिल गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को फोन पर ही पकड़ लिया। 9 दिसंबर 2025 की रात लगभग 3:54 बजे, 28 वर्षीय विकास कुमार नौकरी दिलाने के बहाने ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए। एक ठग ने खुद को “उजाली शर्मा, HR” बताकर उनसे UPI के माध्यम से ₹2000 ठग लिए और फिर अपना फोन बंद कर दिया। ठगी का एहसास होते ही, पीड़ित विकास कुमार ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उसी रात राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही, थाना लोटन पुलिस की साइबर टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और मामले की गहन छानबीन की। पुलिस ने आरोपी द्वारा पैसे जमा करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन की जांच की। जांच में पता चला कि ठगी का मुख्य केंद्र दिल्ली के द्वारिका में था। साइबर टीम ने तुरंत Fino Payments Bank से संपर्क कर ठगी गई ₹2000 की राशि को ‘लिप्पन होल्ड’ करा दिया, जिससे यह पैसा आगे ट्रांसफर न हो सके। इसके बाद, पुलिस ने आरोपी से लगातार संपर्क स्थापित किया और उसे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। पुलिस के दबाव में आकर आरोपी घबरा गया और उसने स्वेच्छा से ठगी के ₹2000 वापस कर दिए। पैसे की वापसी के बावजूद, साइबर टीम आरोपी का पता, साक्ष्य और लोकेशन जुटाने में लगी है ताकि उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सके। आरोपी के बैंक खाते को भी जब्त कर लिया गया है और खाताधारक के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष दिनेश कुमार सरोज ने इस सफलता का श्रेय पुलिस अधीक्षक श्री महेश महाजन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत कुमार प्रसाद और सहयुक्त पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर श्री विश्वजीत सौरान को दिया। उन्होंने बताया कि यह अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों और त्वरित कानूनी कार्रवाई का परिणाम है। थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि इन अधिकारियों द्वारा दी गई ट्रेनिंग के कारण ही थाना स्तर पर त्वरित बचाव, व्यक्तिगत उपयोग और बैंक नोडल अधिकारियों से संपर्क जैसे महत्वपूर्ण कदम तेजी से उठाए जा सके। पुलिस ने जनता से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, या अपने नजदीकी थाने में सूचना दें।
साइबर ठगी के ₹2 हजार 12 घंटे में वापस:पुलिस ने फोन पर आरोपी को पकड़कर दिलाई रकम
उत्तर प्रदेश के लोटन थाना क्षेत्र में एक साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें शिकायतकर्ता विकास कुमार को 12 घंटे के भीतर उनके ठगे गए ₹2000 वापस मिल गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को फोन पर ही पकड़ लिया। 9 दिसंबर 2025 की रात लगभग 3:54 बजे, 28 वर्षीय विकास कुमार नौकरी दिलाने के बहाने ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए। एक ठग ने खुद को “उजाली शर्मा, HR” बताकर उनसे UPI के माध्यम से ₹2000 ठग लिए और फिर अपना फोन बंद कर दिया। ठगी का एहसास होते ही, पीड़ित विकास कुमार ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उसी रात राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही, थाना लोटन पुलिस की साइबर टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और मामले की गहन छानबीन की। पुलिस ने आरोपी द्वारा पैसे जमा करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन की जांच की। जांच में पता चला कि ठगी का मुख्य केंद्र दिल्ली के द्वारिका में था। साइबर टीम ने तुरंत Fino Payments Bank से संपर्क कर ठगी गई ₹2000 की राशि को ‘लिप्पन होल्ड’ करा दिया, जिससे यह पैसा आगे ट्रांसफर न हो सके। इसके बाद, पुलिस ने आरोपी से लगातार संपर्क स्थापित किया और उसे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। पुलिस के दबाव में आकर आरोपी घबरा गया और उसने स्वेच्छा से ठगी के ₹2000 वापस कर दिए। पैसे की वापसी के बावजूद, साइबर टीम आरोपी का पता, साक्ष्य और लोकेशन जुटाने में लगी है ताकि उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सके। आरोपी के बैंक खाते को भी जब्त कर लिया गया है और खाताधारक के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष दिनेश कुमार सरोज ने इस सफलता का श्रेय पुलिस अधीक्षक श्री महेश महाजन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत कुमार प्रसाद और सहयुक्त पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर श्री विश्वजीत सौरान को दिया। उन्होंने बताया कि यह अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों और त्वरित कानूनी कार्रवाई का परिणाम है। थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि इन अधिकारियों द्वारा दी गई ट्रेनिंग के कारण ही थाना स्तर पर त्वरित बचाव, व्यक्तिगत उपयोग और बैंक नोडल अधिकारियों से संपर्क जैसे महत्वपूर्ण कदम तेजी से उठाए जा सके। पुलिस ने जनता से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, या अपने नजदीकी थाने में सूचना दें।





































