बहराइच के महराजगंज कस्बे में पिछले वर्ष हुई हिंसा के आरोपियों को सजा सुनाए जाने वाले दिन एक चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई। कस्बे में पुलिस बल की भारी तैनाती के बावजूद आरोपियों के घर के पास खुलेआम अवैध पेट्रोल की बिक्री जारी रही। गश्ती पुलिस मौके से गुज़रती रही, लेकिन किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। यह स्थिति 13 अक्टूबर 2024 को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान हुए गोलीकांड की पृष्ठभूमि में और भी गंभीर मानी जा रही है। उस घटना में रामगोपाल मिश्रा की मौत हुई थी, जबकि अगले दिन हुए भीषण अग्निकांड में पटरी दुकानों से बिकने वाले अवैध पेट्रोल की अहम भूमिका सामने आई थी। इतनी संवेदनशील परिस्थितियों के बीच आज आरोपियों को सजा सुनाए जाने के दिन प्रशासन ने कस्बे के कई प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया, लेकिन आरोपी के घर के पास चल रही अवैध पेट्रोल दुकान को नजरअंदाज कर दिया। जहां अन्य स्थानों पर मौजूदगी दिखी, वहीं इस दुकान पर कोई रोक-टोक नहीं की गई और पेट्रोल की बिक्री बेखौफ जारी रही। स्थानीय लोगों ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस मुद्दे ने पहले बड़ी घटना को जन्म दिया था, उसकी अनदेखी करना गंभीर लापरवाही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को ऐसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
महराजगंज हिंसा आरोपियों के घर के पास अवैध पेट्रोल बिक्री: सजा सुनाए जाने के दिन भी प्रशासन ने नहीं की कार्रवाई – Mahsi News
बहराइच के महराजगंज कस्बे में पिछले वर्ष हुई हिंसा के आरोपियों को सजा सुनाए जाने वाले दिन एक चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई। कस्बे में पुलिस बल की भारी तैनाती के बावजूद आरोपियों के घर के पास खुलेआम अवैध पेट्रोल की बिक्री जारी रही। गश्ती पुलिस मौके से गुज़रती रही, लेकिन किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। यह स्थिति 13 अक्टूबर 2024 को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान हुए गोलीकांड की पृष्ठभूमि में और भी गंभीर मानी जा रही है। उस घटना में रामगोपाल मिश्रा की मौत हुई थी, जबकि अगले दिन हुए भीषण अग्निकांड में पटरी दुकानों से बिकने वाले अवैध पेट्रोल की अहम भूमिका सामने आई थी। इतनी संवेदनशील परिस्थितियों के बीच आज आरोपियों को सजा सुनाए जाने के दिन प्रशासन ने कस्बे के कई प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया, लेकिन आरोपी के घर के पास चल रही अवैध पेट्रोल दुकान को नजरअंदाज कर दिया। जहां अन्य स्थानों पर मौजूदगी दिखी, वहीं इस दुकान पर कोई रोक-टोक नहीं की गई और पेट्रोल की बिक्री बेखौफ जारी रही। स्थानीय लोगों ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस मुद्दे ने पहले बड़ी घटना को जन्म दिया था, उसकी अनदेखी करना गंभीर लापरवाही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को ऐसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।






































