साऊघाट में जंगली सूअर, नीलगाय और निराश्रित पशु किसानों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। ये जानवर खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे कृषि उत्पादन पर गंभीर असर पड़ रहा है। जगदीशपुर निवासी किसान सुभाष चंद्र ने बताया कि उन्होंने अपने तीन बीघा खेत में अगेती प्रजाति का को.लख.14201 गन्ना लगाया था, जिसकी फसल बहुत अच्छी थी। उनका अनुमान है कि यदि जंगली सूअरों से फसल बच जाती, तो उन्हें डेढ़ से दो लाख रुपये का गन्ना प्राप्त होता। पिछले वर्ष उन्होंने उसी खेत से प्रति बीघा 150 से 180 क्विंटल गन्ना बेचा था। इसी तरह किसान अवधेश, प्रमात्मा और राम अज्ञा चौधरी भी जंगली जानवरों से अपनी फसलों को हुए नुकसान से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि ये जानवर गन्ने के अलावा गेहूं और सरसों जैसी अन्य फसलों को भी क्षति पहुंचा रहे हैं। किसानों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में गौशालाएं होने के बावजूद निराश्रित पशु बाहर घूम रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही, किसानों ने चीनी मिलों से गन्ने की फसल की सुरक्षा के लिए कम मूल्य या अनुदान पर बाड़ लगाने की व्यवस्था उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।









































