बलरामपुर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने का अभियान शुरू हो गया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर जिले में उन मतदाताओं की पहचान की गई है, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों या जिलों की मतदाता सूची में दर्ज हैं। जिले में कुल 5,07,131 ऐसे मतदाता पाए गए हैं, जिनका नाम अन्य जिलों की वोटर लिस्ट में भी शामिल है। इन नामों की पुष्टि के लिए अब बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। आयोग ने ग्राम पंचायतवार सूची उपलब्ध करा दी है, ताकि किसी भी गड़बड़ी को समय रहते ठीक किया जा सके। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 28 मार्च को होना है, उससे पहले दोहरी प्रविष्टियों वाले नामों को नियमानुसार हटाया जाएगा। यह विशेष सर्वे अभियान जिले के नौ विकास खंडों की 793 ग्राम पंचायतों में चलाया जा रहा है। बीएलओ मतदाताओं से निवास संबंधी दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। इस अभियान के चलते गांवों में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। प्रधान, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के दावेदार मतदाता सूची पर कड़ी नजर रख रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में जिले में लगभग 16 लाख 78 हजार मतदाता दर्ज थे। मौजूदा पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य फर्जी मतदान पर रोक लगाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाना है। जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि वे सर्वे टीम को सही और पूर्ण जानकारी दें। इससे मतदाता सूची के शुद्धिकरण का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो सकेगा।
बलरामपुर में 5 लाख से अधिक 'डबल वोट' मिले:पंचायत चुनाव से पहले घर-घर जाकर होगी नामों की जांच
बलरामपुर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने का अभियान शुरू हो गया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर जिले में उन मतदाताओं की पहचान की गई है, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों या जिलों की मतदाता सूची में दर्ज हैं। जिले में कुल 5,07,131 ऐसे मतदाता पाए गए हैं, जिनका नाम अन्य जिलों की वोटर लिस्ट में भी शामिल है। इन नामों की पुष्टि के लिए अब बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। आयोग ने ग्राम पंचायतवार सूची उपलब्ध करा दी है, ताकि किसी भी गड़बड़ी को समय रहते ठीक किया जा सके। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 28 मार्च को होना है, उससे पहले दोहरी प्रविष्टियों वाले नामों को नियमानुसार हटाया जाएगा। यह विशेष सर्वे अभियान जिले के नौ विकास खंडों की 793 ग्राम पंचायतों में चलाया जा रहा है। बीएलओ मतदाताओं से निवास संबंधी दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। इस अभियान के चलते गांवों में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। प्रधान, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के दावेदार मतदाता सूची पर कड़ी नजर रख रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में जिले में लगभग 16 लाख 78 हजार मतदाता दर्ज थे। मौजूदा पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य फर्जी मतदान पर रोक लगाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाना है। जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि वे सर्वे टीम को सही और पूर्ण जानकारी दें। इससे मतदाता सूची के शुद्धिकरण का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो सकेगा।









































