एमएलके महाविद्यालय में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद जयंती मनाई गई। इस प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य प्रो. जनार्दन प्रसाद पाण्डेय के निर्देशानुसार सरोजनी नायडू, कल्पना चावला और डॉ. कलाम इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के झंडेवाला पार्क में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो. जनार्दन प्रसाद पाण्डेय थे, जबकि मुख्य नियंता प्रो. वीणा सिंह और आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. श्री प्रकाश मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण, सरस्वती वंदना, मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. रमेश कुमार शुक्ल, डॉ. अनामिका सिंह और डॉ. जितेन्द्र भट्ट के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने जागरूकता रैली निकाली। इसके बाद डॉ. रमेश कुमार शुक्ल ने राष्ट्रीय युवा दिवस के महत्व और स्वामी विवेकानंद के जीवन, व्यक्तित्व व कृतित्व पर संक्षिप्त जानकारी दी। मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो. जनार्दन प्रसाद पाण्डेय ने वर्ष 1893 में शिकागो में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण को भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से विवेकानंद साहित्य का अध्ययन कर प्रेरणा लेने तथा समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर भी विचार व्यक्त किए। विशिष्ट अतिथि प्रो. वीणा सिंह ने उन्नीसवीं सदी के सामाजिक व धार्मिक आंदोलनों और रामकृष्ण परमहंस के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. श्री प्रकाश मिश्र ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को सेवा भाव, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के माध्यम से राष्ट्र की समस्याओं के समाधान का मार्ग दिखाया। इस अवसर पर युवाओं की शिक्षा, रोजगार, सामाजिक समरसता, आर्थिक विकास और पर्यावरण विषयों पर वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. ए.के. दीक्षित, डॉ. आशीष कुमार लाल, डॉ. अभय नाथ ठाकुर, डॉ. विनीत कुमार सहित अनेक शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
एमएलके कॉलेज में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया:स्वामी विवेकानंद जयंती पर प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित
एमएलके महाविद्यालय में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद जयंती मनाई गई। इस प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य प्रो. जनार्दन प्रसाद पाण्डेय के निर्देशानुसार सरोजनी नायडू, कल्पना चावला और डॉ. कलाम इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के झंडेवाला पार्क में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो. जनार्दन प्रसाद पाण्डेय थे, जबकि मुख्य नियंता प्रो. वीणा सिंह और आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. श्री प्रकाश मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण, सरस्वती वंदना, मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. रमेश कुमार शुक्ल, डॉ. अनामिका सिंह और डॉ. जितेन्द्र भट्ट के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने जागरूकता रैली निकाली। इसके बाद डॉ. रमेश कुमार शुक्ल ने राष्ट्रीय युवा दिवस के महत्व और स्वामी विवेकानंद के जीवन, व्यक्तित्व व कृतित्व पर संक्षिप्त जानकारी दी। मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो. जनार्दन प्रसाद पाण्डेय ने वर्ष 1893 में शिकागो में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण को भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से विवेकानंद साहित्य का अध्ययन कर प्रेरणा लेने तथा समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर भी विचार व्यक्त किए। विशिष्ट अतिथि प्रो. वीणा सिंह ने उन्नीसवीं सदी के सामाजिक व धार्मिक आंदोलनों और रामकृष्ण परमहंस के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. श्री प्रकाश मिश्र ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को सेवा भाव, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के माध्यम से राष्ट्र की समस्याओं के समाधान का मार्ग दिखाया। इस अवसर पर युवाओं की शिक्षा, रोजगार, सामाजिक समरसता, आर्थिक विकास और पर्यावरण विषयों पर वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. ए.के. दीक्षित, डॉ. आशीष कुमार लाल, डॉ. अभय नाथ ठाकुर, डॉ. विनीत कुमार सहित अनेक शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।









































