बलरामपुर की एमपी-एमएलए अदालत में सोमवार को चर्चित फिरोज पप्पू हत्याकांड की सुनवाई हुई। अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार तृतीय की अदालत में दोनों पक्षों की बहस पूरी नहीं हो सकी, जिसके कारण मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी। इस प्रकरण में पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत सहित पांच आरोपियों के खिलाफ फैसला सुनाया जाना है।यह मामला तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन फिरोज अहमद उर्फ पप्पू की हत्या से जुड़ा है। उनकी हत्या 4 जनवरी 2022 की रात लगभग 10:20 बजे जरवा मार्ग पर गोली मारकर की गई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पूर्व सपा सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी और दामाद समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने एमपी-एमएलए कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि यह हत्या समाजवादी पार्टी के टिकट को लेकर चल रहे विवाद के चलते की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन समय में रिजवान जहीर के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत भी कार्रवाई की गई थी। फिलहाल, सभी प्रमुख आरोपी जमानत पर बाहर हैं। अदालत में इस अंतिम फैसले को लेकर जिले के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में काफी उत्सुकता और चर्चा बनी हुई है। मंगलवार की सुनवाई के बाद मामले में स्थिति और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
फिरोज पप्पू हत्याकांड की बहस पूरी नहीं:बलरामपुर कोर्ट में मंगलवार को भी जारी रहेगी सुनवाई
बलरामपुर की एमपी-एमएलए अदालत में सोमवार को चर्चित फिरोज पप्पू हत्याकांड की सुनवाई हुई। अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार तृतीय की अदालत में दोनों पक्षों की बहस पूरी नहीं हो सकी, जिसके कारण मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी। इस प्रकरण में पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत सहित पांच आरोपियों के खिलाफ फैसला सुनाया जाना है।यह मामला तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन फिरोज अहमद उर्फ पप्पू की हत्या से जुड़ा है। उनकी हत्या 4 जनवरी 2022 की रात लगभग 10:20 बजे जरवा मार्ग पर गोली मारकर की गई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पूर्व सपा सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी और दामाद समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने एमपी-एमएलए कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि यह हत्या समाजवादी पार्टी के टिकट को लेकर चल रहे विवाद के चलते की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन समय में रिजवान जहीर के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत भी कार्रवाई की गई थी। फिलहाल, सभी प्रमुख आरोपी जमानत पर बाहर हैं। अदालत में इस अंतिम फैसले को लेकर जिले के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में काफी उत्सुकता और चर्चा बनी हुई है। मंगलवार की सुनवाई के बाद मामले में स्थिति और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।







































