परसेंडी चीनी मिल के पास भीषण जाम: राहगीर 5-6 घंटे फंसे, वैकल्पिक मार्ग की मांग – Fakharpur(Bahraich) News

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परसेंडी स्थित पारले चीनी मिल की कथित अव्यवस्थित नीतियों और गन्ने की ट्रॉलियों को अनियमित तरीके से यार्ड में भेजे जाने के कारण प्रतिदिन भीषण जाम लग रहा है। यह जाम हाइवे से इथेनॉल फैक्ट्री व शुगर फैक्ट्री को जोड़ने वाली नहर की पटरी पर बनी पक्की सड़क पर लगता है। एक ही संकरे मार्ग पर गन्ने से लदी ट्रॉलियां, तौल करवा कर मिल से खाली हुई ट्रालियां, इथेनॉल फैक्ट्री की ओर जाने वाले भारी ट्रक और चीनी लादने के लिए जाने वाले ट्रक आमने-सामने निकलते हैं। नहर की पटरी पर सड़क सिंगल होने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है, जिससे राहगीर 5-6 घंटे तक फंसे रहते हैं। मौके पर जाम में फंसे रोमी मेहरोत्रा (प्रधान सरसट बिटोरा), शुभम अवस्थी (प्रधान हेमनापुर मरवट) और सुनील वर्मा (प्रधान प्रतिनिधि डीहवा कला) जैसे स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले इस मार्ग पर केवल चीनी मिल के अंदर जाने वाले ट्रकों और मिल से वापस आने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा सामान्य वाहनों की सीमित आवाजाही होती थी। अब फैक्ट्री अधिकारियों की मनमानी के चलते दोतरफा यातायात कराया जा रहा है। परिणामस्वरूप, यदि कोई राहगीर रात में इस रास्ते पर फंस जाए तो उसे 3 से 4 घंटे तक निकल पाना मुश्किल हो जाता है। बताया जा रहा है कि जब तक फैक्ट्री के भीतर यार्ड खाली नहीं होते, ट्रॉलियों को अंदर प्रवेश नहीं मिलता, और इस दौरान ट्रॉलियों के बीच फंसे वाहन वहीं रुक जाते हैं। कई बार शादी-विवाह के निजी वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है जब मरीजों को ले जाने वाले एम्बुलेंस जैसे वाहन जाम में फंस जाते हैं, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है। इस गंभीर समस्या पर प्रतिक्रिया के लिए गन्ना प्रबंधक संजीव कुमार राठी से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, कई बार निरंतर उनके मोबाइल पर घंटी जाने के बावजूद उनके द्वारा फोन नहीं उठाया गया। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से तत्काल यातायात का वैकल्पिक प्रबंध करने, ट्रॉलियों की एंट्री-एग्जिट को व्यवस्थित करने और आमजन के लिए अलग मार्ग निर्धारित कर राहत प्रदान करने की मांग की है।
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