बहराइच के नवाबगंज में सोमवार को ग्रामीणों ने एसडीएम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन एक निजी विद्यालय में पेड़ों की कटाई के मामले में प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर किया गया। ग्रामीणों का नेतृत्व वर्तमान ग्राम प्रधान केशव प्रसाद और पूर्व प्रधान मन्नू लाल ने किया। मामला रविवार का है, जब विकास खंड नवाबगंज के थाना रुपैडिहा अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरा में इंद्रबली माध्यमिक विद्यालय की भूमि पर लगे लगभग 4 हजार यूकेलिप्टस के पेड़ काटे जा रहे थे। ये पेड़ करीब 20 साल पुराने थे। ग्राम प्रधान केशव प्रसाद और पूर्व प्रधान मन्नू लाल सहित दर्जनों ग्रामीणों ने इस कटाई का विरोध किया। ग्राम प्रधान केशव प्रसाद और पूर्व प्रधान मन्नू लाल ने बताया कि यह विद्यालय ग्रामीणों के सहयोग से बना था और पिछले लगभग 20 वर्षों से बंद पड़ा है। ग्रामीणों ने विद्यालय के लिए काफी जमीन दान की थी, जिस पर यूकेलिप्टस और सागौन के लगभग 4000 पेड़ लगे हुए थे। आरोप है कि प्रबंधक इन पेड़ों को 16 लाख रुपये में बेचकर कटाई करवा रहा था। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम नानपारा मोनालिसा जौहरी ने पेड़ों की कटाई रुकवा दी थी। हालांकि, प्रबंधक के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने सोमवार को फिर से प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
निजी स्कूल में पेड़ कटाई पर प्रदर्शन: नवाबगंज में ग्रामीणों ने एसडीएम से कार्रवाई की मांग की – Mirjapur Tilak(Nanpara) News
बहराइच के नवाबगंज में सोमवार को ग्रामीणों ने एसडीएम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन एक निजी विद्यालय में पेड़ों की कटाई के मामले में प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर किया गया। ग्रामीणों का नेतृत्व वर्तमान ग्राम प्रधान केशव प्रसाद और पूर्व प्रधान मन्नू लाल ने किया। मामला रविवार का है, जब विकास खंड नवाबगंज के थाना रुपैडिहा अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरा में इंद्रबली माध्यमिक विद्यालय की भूमि पर लगे लगभग 4 हजार यूकेलिप्टस के पेड़ काटे जा रहे थे। ये पेड़ करीब 20 साल पुराने थे। ग्राम प्रधान केशव प्रसाद और पूर्व प्रधान मन्नू लाल सहित दर्जनों ग्रामीणों ने इस कटाई का विरोध किया। ग्राम प्रधान केशव प्रसाद और पूर्व प्रधान मन्नू लाल ने बताया कि यह विद्यालय ग्रामीणों के सहयोग से बना था और पिछले लगभग 20 वर्षों से बंद पड़ा है। ग्रामीणों ने विद्यालय के लिए काफी जमीन दान की थी, जिस पर यूकेलिप्टस और सागौन के लगभग 4000 पेड़ लगे हुए थे। आरोप है कि प्रबंधक इन पेड़ों को 16 लाख रुपये में बेचकर कटाई करवा रहा था। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम नानपारा मोनालिसा जौहरी ने पेड़ों की कटाई रुकवा दी थी। हालांकि, प्रबंधक के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने सोमवार को फिर से प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को मामले की जांच का आश्वासन दिया है।








































