श्रावस्ती: जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने खराब रैंकिंग वाले विभागाध्यक्षों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। दिसंबर 2025 माह की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, श्रावस्ती जनपद की विकास एवं राजस्व कार्यों की संयुक्त रैंक प्रदेश में पांचवें स्थान पर रही। कुल 85 कार्यक्रमों में से 65 को ‘ए’ श्रेणी, 8 को ‘बी’ श्रेणी, 3 को ‘सी’ श्रेणी, 4 को ‘डी’ श्रेणी और 5 कार्यक्रमों को ‘एनए’ श्रेणी प्राप्त हुई है। अतिरिक्त ऊर्जा, अल्पसंख्यक कल्याण, उद्यान, ऊर्जा, कृषि, ग्रामीण अभियंत्रण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, दुग्ध विकास, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, प्राथमिक शिक्षा, पशुधन, मत्स्य, माध्यमिक शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता, श्रम एवं सेवायोजन, सहकारिता तथा सिंचाई एवं जल संसाधन विभागों के कार्यक्रमों को ‘ए’ ग्रेड मिला है। वहीं, ग्राम्य विकास, नियोजन, पंचायती राज, पर्यटन, पिछड़ा वर्ग कल्याण, महिला एवं बाल विकास (आईसीडीएस), लोक निर्माण विभाग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, समाज कल्याण एवं लोक शिकायत (निर्माण कार्य) विभागों के कार्यक्रमों की श्रेणी ‘बी’, ‘सी’ या ‘डी’ रही। दिसंबर 2025 में प्रदर्शित योजनाओं में सीटी स्कैन, शादी अनुदान और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना प्रदेश के अंतिम पांच जनपदों में शामिल रहीं। इसके विपरीत, मत्स्य उत्पादन और अनुसूचित जनजाति पूर्वदशम छात्रवृत्ति (कक्षा 9 एवं 10) योजना में जनपद प्रदेश के शीर्ष पांच जनपदों में रहा। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं की नियमित समीक्षा करें और अपनी देखरेख में शत-प्रतिशत डेटा फीडिंग सुनिश्चित करें, ताकि लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।







































