श्रावस्ती में विराट हिन्दू सम्मेलन:संगठन को बताया शक्ति का आधार, समरसता पर जोर

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श्रावस्ती के गिलौला स्थित कृष्ण लली सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में 13 जनवरी को मंडल स्तरीय विराट हिन्दू एवं समरसता भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अयोध्या धाम से आए विष्णुदेवाचार्य जी ने की। इसमें ब्रह्मकुमारीज संस्थान से बी के शकुंतला और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अवध प्रांत प्रचारक कौशल जी ने मुख्य रूप से संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रांत प्रचारक कौशल जी ने कहा कि द्वापरयुग में शक्ति का आधार युद्ध था और सतयुग में तप। कलियुग में संगठन ही शक्ति का आधार है। उन्होंने हिन्दू समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि सनातन हिन्दू संस्कृति की रक्षा के लिए खालसा पंथ का गठन कर गुरु पुत्रों ने अपना सर्वस्व बलिदान दिया, जिसके बल पर हिन्दू समाज आज सुरक्षित है। कौशल जी ने जोर दिया कि संगठित हिन्दू समाज ही स्थायी राष्ट्र सुरक्षा की गारंटी है। कौशल जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर निर्धारित पांच विषयों – सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्व का बोध, पर्यावरण, तथा आदर्श नागरिक कर्तव्य एवं अधिकार पर भी प्रकाश डाला। ब्रह्मकुमारीज से आईं दीदी शकुंतला ने जीवन में आध्यात्मिक विषयों के महत्व पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विष्णुदेवाचार्य जी ने कहा कि जब-जब हिन्दू समाज असंगठित हुआ, तब-तब राष्ट्र के समक्ष संकट उत्पन्न हुए। उन्होंने श्रावस्ती को महाराजा सुहेलदेव की भूमि बताया, जिन्होंने सय्यद सालार मसूद गाजी का सेना सहित संहार किया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्र विरोधी शक्तियों से लड़ने के लिए हिन्दू समाज का संगठित रहना आवश्यक है। कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेवाभारती जिला प्रमुख राजीव कुमार पांडेय ने किया। इस अवसर पर विभाग प्रचारक कृष्ण कुमार, जिला प्रचारक भानु, जिला टोली से कुलदीप, अजय, अंकित, दिवाकर, वासुकीनाथ, सूरज, निर्भय, विद्या भारती के प्रांतीय सह मंत्री धनीराम अवस्थी, श्रावस्ती संभाग के संभाग निरीक्षक कैलाश चंद्र वर्मा, विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार मिश्र और संपूर्ण विद्यालय परिवार ने सहयोग किया।

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