महराजगंज जिले के नौतनवा थाना क्षेत्र में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 12 फरवरी 2026 को ग्राम बैरवा बनकटवा टोला मणि चौराहा स्थित एक ग्राहक सेवा केंद्र पर छापेमारी के दौरान की गई। पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना के निर्देश पर भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह खुलासा हुआ।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूर्यनरायण (32) निवासी दुर्गापुर, नौतनवा और धीरज चौरसिया (25) निवासी एकमा, लक्ष्मीपुर, पुरन्दरपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से एक एसर लैपटॉप, आइरिस डिवाइस, बायोमेट्रिक मशीन, तीन मोबाइल फोन, वेबकैम, इनरोलमेंट स्लिप, ओटीजी एडेप्टर, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और 3450 रुपये नकद बरामद किए।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यूट्यूब से आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया सीखी थी। एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को आधार अथॉरिटी का अधिकारी बताकर उन्हें AnyDesk और आधार एनरोलमेंट ऐप इंस्टॉल कराया तथा फर्जी आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराए। आरोपी प्रत्येक आधार कार्ड के लिए 500 से 1000 रुपये लेते थे, जिसकी आधी रकम यूपीआई के माध्यम से भेजी जाती थी। इस संबंध में मु0अ0सं0 29/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(3), 338, 61(2) और आधार अधिनियम 2016 की धारा 35 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले 2 गिरफ्तार: महराजगंज में लैपटॉप, बायोमेट्रिक मशीन बरामद, यूट्यूब से सीखा तरीका – Maharajganj News
महराजगंज जिले के नौतनवा थाना क्षेत्र में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 12 फरवरी 2026 को ग्राम बैरवा बनकटवा टोला मणि चौराहा स्थित एक ग्राहक सेवा केंद्र पर छापेमारी के दौरान की गई। पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना के निर्देश पर भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह खुलासा हुआ।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूर्यनरायण (32) निवासी दुर्गापुर, नौतनवा और धीरज चौरसिया (25) निवासी एकमा, लक्ष्मीपुर, पुरन्दरपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से एक एसर लैपटॉप, आइरिस डिवाइस, बायोमेट्रिक मशीन, तीन मोबाइल फोन, वेबकैम, इनरोलमेंट स्लिप, ओटीजी एडेप्टर, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और 3450 रुपये नकद बरामद किए।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यूट्यूब से आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया सीखी थी। एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को आधार अथॉरिटी का अधिकारी बताकर उन्हें AnyDesk और आधार एनरोलमेंट ऐप इंस्टॉल कराया तथा फर्जी आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराए। आरोपी प्रत्येक आधार कार्ड के लिए 500 से 1000 रुपये लेते थे, जिसकी आधी रकम यूपीआई के माध्यम से भेजी जाती थी। इस संबंध में मु0अ0सं0 29/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(3), 338, 61(2) और आधार अधिनियम 2016 की धारा 35 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।






































