फरेंदा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सभा बारातगाड़ा के कुशहवा टोले स्थित प्रसिद्ध मां कंटाइन देवी मंदिर परिसर में चल रही श्री रुद्र महायज्ञ के दौरान रामलीला का आयोजन किया गया। इसे देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक उमड़े, जिससे पूरा यज्ञ परिसर श्रद्धालुओं से भर गया। महायज्ञ के सातवें दिन रामलीला में प्रभु श्री रामचंद्र जी और माता जानकी के विवाह का मंचन किया गया। यह रामलीला कलश यात्रा के दिन से शुरू हुई थी। विवाह मंचन देखने के लिए बरातगाड़ा के विभिन्न टोलों, रामनगर, भैसहिया, मछलीगाँव, झावाकोट सहित आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु दर्शक पहुंचे। इस अवसर पर यज्ञ परिसर में अयोध्या के चक्रवर्ती महाराज दशरथ अपने चारों पुत्रों राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के साथ गाजे-बाजे के साथ बारात लेकर निकले। बारात में घोड़े, हाथी, ऊँट और कई गाड़ियां शामिल थीं। डीजे पर बज रही धुनों पर बाराती झूमते हुए जयकारे लगा रहे थे। रामलीला की इस बारात में गौरीशंकर पाण्डेय, दिलीप चौरसिया, अजय सिंह, बच्चू सिंह मास्टर साहब, राजेन्द्र गुप्ता, प्रेम शंकर पाण्डेय, मुरारी प्रसाद, संतोष अग्रहरि, सुनील, मंजीत सहित सैकड़ों अन्य लोग शामिल हुए।
मां कण्टाइन देवी मंदिर में राम-जानकी विवाह का मंचन: श्री रुद्र महायज्ञ के दौरान हजारों की सैकड़ों में पहुंचे दर्शक – Barat Garha(Pharenda) News
फरेंदा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सभा बारातगाड़ा के कुशहवा टोले स्थित प्रसिद्ध मां कंटाइन देवी मंदिर परिसर में चल रही श्री रुद्र महायज्ञ के दौरान रामलीला का आयोजन किया गया। इसे देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक उमड़े, जिससे पूरा यज्ञ परिसर श्रद्धालुओं से भर गया। महायज्ञ के सातवें दिन रामलीला में प्रभु श्री रामचंद्र जी और माता जानकी के विवाह का मंचन किया गया। यह रामलीला कलश यात्रा के दिन से शुरू हुई थी। विवाह मंचन देखने के लिए बरातगाड़ा के विभिन्न टोलों, रामनगर, भैसहिया, मछलीगाँव, झावाकोट सहित आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु दर्शक पहुंचे। इस अवसर पर यज्ञ परिसर में अयोध्या के चक्रवर्ती महाराज दशरथ अपने चारों पुत्रों राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के साथ गाजे-बाजे के साथ बारात लेकर निकले। बारात में घोड़े, हाथी, ऊँट और कई गाड़ियां शामिल थीं। डीजे पर बज रही धुनों पर बाराती झूमते हुए जयकारे लगा रहे थे। रामलीला की इस बारात में गौरीशंकर पाण्डेय, दिलीप चौरसिया, अजय सिंह, बच्चू सिंह मास्टर साहब, राजेन्द्र गुप्ता, प्रेम शंकर पाण्डेय, मुरारी प्रसाद, संतोष अग्रहरि, सुनील, मंजीत सहित सैकड़ों अन्य लोग शामिल हुए।






































