बस्ती में शीत लहर का प्रकोप जारी, पारा लुढ़का:गरीबों और मजदूरों के लिए अलाव बना सहारा

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क्षेत्र में बीते चार दिनों से शीतलहर का प्रकोप जारी है। गिरते तापमान के कारण लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं। हालांकि, गरीब और दिहाड़ी मजदूरों के लिए अलाव ही एकमात्र सहारा बना हुआ है। बुधवार से शुरू हुई यह शीतलहर शनिवार को भी जारी रही। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकल रहे हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में अभी तक शासन-प्रशासन की ओर से अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। लोग अपने घरों में रखी लकड़ियों या खेतों से गन्ने और धान का पुआल जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। इस कड़ाके की ठंड में सबसे अधिक दुर्दशा उन किसानों की है, जो खेतों में गन्ने की छिलाई का काम कर रहे हैं। उनके पास ठंड से बचने के सीमित साधन हैं। सर्दी से बचाव और अलाव जलवाने को लेकर नगर अधिकारी मुंडेरवा कीर्ति सिंह से बात की गई। उन्होंने बताया कि रैन बसेरों और प्रमुख चौराहों पर अलाव की व्यवस्था कराई जा रही है। इससे दिहाड़ी मजदूरों और चीनी मिल पर गन्ना लेकर आने वाले किसानों को राहत मिल सकेगी।

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