सादुल्लाह नगर में 20 सालों से अलाव जलाता है परिवार:राहगीरों और जरूरतमंदों को मिली राहत

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सादुल्लाह नगर सहित पूरे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और शीत लहर का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन ने अब तक सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की है। ऐसे में, एकता चौक पर एक पुश्तैनी पहल ने राहगीरों और जरूरतमंदों को बड़ी राहत प्रदान की है। यह पहल स्वर्गीय अख्तर हुसैन उर्फ मुन्ना चाय वाले के बेटों द्वारा की गई है। मुन्ना चाय वाले का पिछले वर्ष निधन हो गया था, लेकिन उनके पुत्रों अब्दुल अलीम, अब्दुल रहीम, मोहम्मद कलीम और मोहम्मद सलीम ने आपसी सहयोग से अपने पिता की बीस वर्ष पुरानी परंपरा को जारी रखा है। बेटों ने बाईपास रोड पर स्थित एकता चौक पर स्वयं ही राहगीरों के लिए अलाव की व्यवस्था की है। स्वर्गीय मुन्ना चाय वाले पिछले बीस वर्षों से लगातार सर्दी के मौसम में इस चौक पर अलाव जलाते थे, जिससे आने-जाने वाले लोगों और श्रमिकों को ठंड से राहत मिलती थी। प्रशासन की निष्क्रियता के बावजूद बेटों द्वारा उठाए गए इस मानवीय कदम की स्थानीय नागरिकों ने व्यापक सराहना की है। स्थानीय नागरिक ज्ञान चंद्र सोनी ने कहा, “प्रशासन को तुरंत अलाव की व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन जब कोई पहल नहीं हुई तो मुन्ना भाई के बेटों ने यह जिम्मेदारी उठाई है। यह सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।” शशिकपूर गुप्ता, नसीम रायनी, वसीम रायनी और शाबान रायनी ने भी इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी मदद की अनुपस्थिति में ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल सक्रिय होने और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाने की मांग की है, ताकि गरीब और असहाय लोग कड़ाके की ठंड से बच सकें।
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