आस्था आयुर्वेदिक एक्यूप्रेशर हॉलिस्टिक सेंटर ने मूंग बाधित विद्यालय रिहैब प्लस डे केयर सेंटर, सुरती हट्टा, पुरानी बस्ती में एक नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में सेरेब्रल पाल्सी (सीपी चाइल्ड) और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से पीड़ित 26 बच्चों और उनके अभिभावकों को उपचार व परामर्श दिया गया। उन्हें रोगों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ एक्यूप्रेशर पद्धति से उपचार भी प्रदान किया गया। शिविर में मुख्य चिकित्सक प्रो. डॉ. नवीन सिंह ने बताया कि सेरेब्रल पाल्सी लाइलाज बीमारी नहीं है। उन्होंने कहा कि सही समय पर और उचित पद्धति से उपचार करने पर बच्चों की स्थिति में सुधार संभव है। डॉ. सिंह के अनुसार, मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को समझकर बिना दवा के एक्यूप्रेशर विधि से उपचार करने पर मरीजों को निश्चित रूप से लाभ मिलता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों का उपचार जितनी जल्दी शुरू किया जाए, परिणाम उतने ही बेहतर होते हैं। डॉ. सिंह ने अभिभावकों को बच्चों के नियमित अभ्यास, धैर्य और निरंतर उपचार के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने सलाह दी कि केवल शिविर तक सीमित न रहकर, घर पर भी नियमित रूप से बताए गए एक्यूप्रेशर बिंदुओं पर अभ्यास करने से बच्चों की शारीरिक और मानसिक क्षमता में सुधार हो सकता है। इस अवसर पर केंद्र की संचालिका नीलम मिश्रा ने एक्यूप्रेशर को एक अद्भुत और सरल चिकित्सा पद्धति बताया, जिसे हर व्यक्ति को जानना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उपचार सुरक्षित है और इसे घर पर भी सीखा व अपनाया जा सकता है। मिश्रा ने बताया कि उनके सेंटर पर जिन बच्चों का उपचार किया गया है, उनमें सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं, जिससे अभिभावकों में आशा जगी है। चिकित्सा शिविर में रागिनी पांडे, शताक्षी, अश्क्रिता मिश्रा सहित अन्य शिक्षिकाएं और प्रशिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग किया और अभिभावकों को बच्चों की देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज में दिव्यांग बच्चों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें बेहतर जीवन की ओर अग्रसर करने का संदेश देना था।
Home उत्तर प्रदेश सेरेब्रल पाल्सी पीड़ित बच्चों को मिला उपचार:नि:शुल्क शिविर में परामर्श, डॉक्टर बोले-...









































