दैनिक भास्कर संवाददाता बहराइच जिले के तेजवापुर ब्लॉक की हेमरिया पंचायत के प्रधान राम छबीले यादव प्रधान से मिले। अपने द्वारा किए गए विकास कार्यों के बारे में प्रधान ने ये बातें कहीं।मैं ग्राम पंचायत हमेरिया का वर्तमान ग्राम प्रधान राम छबीले यादव हूँ। हमारे द्वारा ग्राम पंचायत में 10 वर्षों में श्मशान घाट का निर्माण कराया गया है, अमृत सरोवर का निर्माण किया गया है, लगभग 1.5 किलोमीटर इंटरलॉकिंग और 500 मीटर सीसी रोड का निर्माण किया गया है। 250 आवासों से संबंधित कार्य किए गए हैं और 500 से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। पानी की टंकी से हर दिन घर पर समय से पानी पहुँचाया जाता है। परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी पंचायत भवन से ही सभी को उपलब्ध कराए जाते हैं। एवं समय-समय पर समस्याओं का निस्तारण भी किया जाता है। इसमें बारात घर के लिए भी बातचीत चल रही है। यह प्रस्तावित है और पिछले बजट का भुगतान होने पर इस पर भी कार्य कराया जाएगा, जिससे गरीब बच्चों की शादियाँ बारात घर से ही संपन्न हो सकें। इससे (गरीब परिवार) टेंट या अन्य निजी खर्चों से बच सकेंगे, जिससे उनकी बहन-बेटियों के विवाह में अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने में सुविधा होगी। डिस्क्लेमर: दैनिक भास्कर, प्रधान के दावों की पुष्टि नहीं करता हैं
प्रधान जी के दावे-वादे: तेजवापुर ब्लॉक की हेमरिया पंचायत के प्रधान से खास बातचीत – Tejwapur(Bahraich) News
दैनिक भास्कर संवाददाता बहराइच जिले के तेजवापुर ब्लॉक की हेमरिया पंचायत के प्रधान राम छबीले यादव प्रधान से मिले। अपने द्वारा किए गए विकास कार्यों के बारे में प्रधान ने ये बातें कहीं।मैं ग्राम पंचायत हमेरिया का वर्तमान ग्राम प्रधान राम छबीले यादव हूँ। हमारे द्वारा ग्राम पंचायत में 10 वर्षों में श्मशान घाट का निर्माण कराया गया है, अमृत सरोवर का निर्माण किया गया है, लगभग 1.5 किलोमीटर इंटरलॉकिंग और 500 मीटर सीसी रोड का निर्माण किया गया है। 250 आवासों से संबंधित कार्य किए गए हैं और 500 से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। पानी की टंकी से हर दिन घर पर समय से पानी पहुँचाया जाता है। परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी पंचायत भवन से ही सभी को उपलब्ध कराए जाते हैं। एवं समय-समय पर समस्याओं का निस्तारण भी किया जाता है। इसमें बारात घर के लिए भी बातचीत चल रही है। यह प्रस्तावित है और पिछले बजट का भुगतान होने पर इस पर भी कार्य कराया जाएगा, जिससे गरीब बच्चों की शादियाँ बारात घर से ही संपन्न हो सकें। इससे (गरीब परिवार) टेंट या अन्य निजी खर्चों से बच सकेंगे, जिससे उनकी बहन-बेटियों के विवाह में अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने में सुविधा होगी। डिस्क्लेमर: दैनिक भास्कर, प्रधान के दावों की पुष्टि नहीं करता हैं






































