तेजवापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत दानू बाबा परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन प्रवाचक चंद्र प्रकाश पांडे ने प्रवचन दिए। शाम 6 बजे से शुरू हुई कथा में उन्होंने कहा कि मनुष्यों को अपने कर्तव्यों का बोध भागवत सुनकर ही होता है। कथा व्यास चंद्र प्रकाश पांडे ने इस बात पर जोर दिया कि मृत्यु निश्चित होने के बावजूद मनुष्य उसे स्वीकार नहीं करता। उन्होंने बताया कि जो लोग निष्काम भाव से प्रभु का स्मरण करते हैं, वे अपना जन्म और मरण दोनों सुधार लेते हैं। पांडे ने आगे कहा कि जब प्रभु अवतार लेते हैं, तो वे माया के साथ आते हैं। साधारण मनुष्य इस माया को शाश्वत मान लेता है और अपने नश्वर शरीर को ही प्रधान समझता है। भागवत कथा यह सिखाती है कि कर्म ऐसा होना चाहिए जो निष्काम हो, क्योंकि यही सच्ची भक्ति है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान भिरवा प्रमोद तिवारी, अरुण त्रिपाठी, शिवम त्रिपाठी, सुभाष मौर्य, विजय मौर्य सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
मनुष्य के कर्तव्य का बोध कराती है भागवत कथा: तेजवापुर में दानू बाबा परिसर में प्रवाचक ने कहा, मृत्यु निश्चित फिर भी स्वीकार नहीं – Tejwapur(Bahraich) News
तेजवापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत दानू बाबा परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन प्रवाचक चंद्र प्रकाश पांडे ने प्रवचन दिए। शाम 6 बजे से शुरू हुई कथा में उन्होंने कहा कि मनुष्यों को अपने कर्तव्यों का बोध भागवत सुनकर ही होता है। कथा व्यास चंद्र प्रकाश पांडे ने इस बात पर जोर दिया कि मृत्यु निश्चित होने के बावजूद मनुष्य उसे स्वीकार नहीं करता। उन्होंने बताया कि जो लोग निष्काम भाव से प्रभु का स्मरण करते हैं, वे अपना जन्म और मरण दोनों सुधार लेते हैं। पांडे ने आगे कहा कि जब प्रभु अवतार लेते हैं, तो वे माया के साथ आते हैं। साधारण मनुष्य इस माया को शाश्वत मान लेता है और अपने नश्वर शरीर को ही प्रधान समझता है। भागवत कथा यह सिखाती है कि कर्म ऐसा होना चाहिए जो निष्काम हो, क्योंकि यही सच्ची भक्ति है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान भिरवा प्रमोद तिवारी, अरुण त्रिपाठी, शिवम त्रिपाठी, सुभाष मौर्य, विजय मौर्य सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।






































