बस्ती के औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के तहत संचालित इंडो-इजराइल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्रूट्स, बंजरिया में बिहार के 30 किसानों और नर्सरी मालिकों के लिए सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। यह प्रशिक्षण 11 से 17 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें पटना, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, सीतामढ़ी और भागलपुर जिलों के प्रतिभागी शामिल हैं। 12 जनवरी 2026 को प्रतिभागियों को दमिश्क गुलाब की खेती, आम के कीटों और उनके नियंत्रण, आम की प्रमुख बीमारियों तथा फलों की सघन बागवानी में कैनोपी प्रबंधन तकनीक पर विस्तृत जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण श्यामाचरण शुक्ल (सेवानिवृत्त वरिष्ठ शोध सहायक), शोभित कुमार दीक्षित (पादप रोग विशेषज्ञ), रजनीश कुमार सिंह (कीट विशेषज्ञ) और पंकज मोहन श्रीवास्तव (उद्यान निरीक्षक), सीओई बंजरिया द्वारा प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शासन के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के संयुक्त सचिव, रजनीकांत पाण्डेय ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने प्रशिक्षण में सहभागिता के लिए बधाई दी और किसानों को नवीन तकनीकों को अपनाकर कृषि उत्पादन व आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण के बाद औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र, बस्ती के संयुक्त निदेशक, अनीश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में किसानों को प्रक्षेत्र भ्रमण कराया गया। इस दौरान बस्ती जिले के बनकटी विकास खंड के कबरा गांव में कृष्णानंद चौधरी के खेत का अवलोकन किया गया। यहां पॉलीहाउस में जरबेरा फूल और खुले खेत में स्ट्रॉबेरी, रजनीगंधा, डच गुलाब तथा सब्जी मटर की उन्नत खेती देखी गई। बिहार से आए किसान और नर्सरी मालिक इन तकनीकों से काफी प्रभावित हुए और इन्हें अपने खेतों में अपनाने के लिए आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इसके बाद बस्ती जिले के मुंडेरवा विकास खंड के नोहदर गांव में स्थित अरविंद कुमार सिंह द्वारा स्थापित फलों व सब्जियों की प्रसंस्करण इकाई ‘शशिराज ग्रामोद्योग’ का भ्रमण कराया गया। यहां जैम, जेली, अचार, मुरब्बा, स्क्वैश, मार्मलेड और पेठा जैसे प्रसंस्कृत उत्पादों के निर्माण की जानकारी दी गई। श्री सिंह ने बताया कि प्रसंस्करण के माध्यम से किसान अपने उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।





































