भारतीय बौद्ध महासभा का दस दिवसीय शिविर संपन्न:श्रामणेर, बौद्धाचार्य और महिला उपासिका को मिली उपाधि

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सिद्धार्थनगर के बांसी में भारतीय बौद्ध महासभा द्वारा आयोजित दस दिवसीय ‘श्रामणेर, बौद्धाचार्य एवं महिला उपासिका प्रशिक्षण शिविर’ का समापन भव्य धम्म सम्मेलन के साथ हुआ। यह शिविर बांसी स्थित नगर पालिका के मैरेज हॉल में आयोजित किया गया था। इस दौरान 55 प्रशिक्षुओं को ‘बौद्धाचार्य’ और 46 महिलाओं को ‘महिला उपासिका’ की उपाधि प्रदान की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ संघ नायक बौद्ध भिक्षु चन्द्रमणि ने किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को त्रिशरण एवं पंचशील की दीक्षा दिलाई, जिसके साथ ही धम्म सम्मेलन की शुरुआत हुई। मुख्य अतिथि ‘दी बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया’ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. जयसेन बौद्ध जगदीश गवई ने अपने संबोधन में वैश्विक शांति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया युद्ध के मुहाने पर खड़ी है, तब भगवान बुद्ध के शांति, मैत्री और भाईचारे के विचार ही विश्व को विनाश से बचा सकते हैं। उन्होंने पाखंड और अंधविश्वास त्यागकर बुद्ध की वैज्ञानिक विचारधारा अपनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि और प्रांतीय अध्यक्ष पूर्वांचल निर्भय कुमार जैसल ने भारतीय बौद्ध महासभा के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महासभा का लक्ष्य बुद्ध के धम्म का विस्तार कर समाज में आपसी सौहार्द बढ़ाना है। जैसल ने विश्वास व्यक्त किया कि यहां से प्रशिक्षित बौद्धाचार्य समाज में बौद्ध संस्कृति और संस्कारों का प्रचार करेंगे। धम्म सम्मेलन का कुशल संचालन प्रांतीय उपाध्यक्ष केदारनाथ आजाद ने किया। इस अवसर पर डॉ. रामनाथ भारती, दयाराम बौद्ध, विक्रमा राव कवि, रामधनी बौद्ध, पीआर आजाद, राममिलन गौतम, राम प्यारे, जय किशोर, चन्द्र बहाल, संतोष आजाद, प्रेमसागर, राम अचल प्रधान, अरुण कुमार भारती, मनोज सिद्धार्थ, राधेश्याम बौद्ध, मातादीन, अनिल बौद्ध और सचिन भास्कर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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