स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और टीकाकरण अभियान की जमीनी हकीकत जानने के लिए प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अविनाश चौधरी ने बुधवार को विभिन्न टीकाकरण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पचउथ, गड़रथा और खैरी शीतल प्रसाद में चल रहे टीकाकरण सत्रों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सभी स्वास्थ्य कर्मी केंद्रों पर उपस्थित पाए गए और टीकाकरण का कार्य सुचारू रूप से चल रहा था। डॉ. अविनाश चौधरी ने टीकाकरण प्रक्रिया का अवलोकन किया और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए कि ड्यू लिस्ट के अनुसार सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही, टीकाकरण के डेटा को यू-विन (U-Win) पोर्टल पर शत-प्रतिशत फीड किया जाए ताकि कोई भी लाभार्थी रिकॉर्ड से बाहर न रहे। डॉ. अविनाश चौधरी ने आशा कार्यकर्ताओं को गांव में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (HRP) की पहचान करने और उनकी सूची कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि क्षेत्र में एक भी प्रसव घर पर नहीं होना चाहिए; सभी प्रसव सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित तरीके से हों, यह सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। अधीक्षक ने स्वास्थ्य कर्मियों को यह भी निर्देश दिया कि गांव में विशेष कैंप लगाकर सभी पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड अविलंब बनाए जाएं, ताकि वे सरकार की मुफ्त इलाज योजना का लाभ उठा सकें। इस निरीक्षण भ्रमण के दौरान डॉ. ओ.पी. यादव, राजकुमार, आशुतोष शुक्ल, एएनएम निर्मला, रीता और पुष्पा सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक ने टीकाकरण केंद्रों का किया औचक निरीक्षण:शत-प्रतिशत फीडिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं पर दिए निर्देश
स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और टीकाकरण अभियान की जमीनी हकीकत जानने के लिए प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अविनाश चौधरी ने बुधवार को विभिन्न टीकाकरण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पचउथ, गड़रथा और खैरी शीतल प्रसाद में चल रहे टीकाकरण सत्रों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सभी स्वास्थ्य कर्मी केंद्रों पर उपस्थित पाए गए और टीकाकरण का कार्य सुचारू रूप से चल रहा था। डॉ. अविनाश चौधरी ने टीकाकरण प्रक्रिया का अवलोकन किया और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए कि ड्यू लिस्ट के अनुसार सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही, टीकाकरण के डेटा को यू-विन (U-Win) पोर्टल पर शत-प्रतिशत फीड किया जाए ताकि कोई भी लाभार्थी रिकॉर्ड से बाहर न रहे। डॉ. अविनाश चौधरी ने आशा कार्यकर्ताओं को गांव में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (HRP) की पहचान करने और उनकी सूची कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि क्षेत्र में एक भी प्रसव घर पर नहीं होना चाहिए; सभी प्रसव सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित तरीके से हों, यह सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। अधीक्षक ने स्वास्थ्य कर्मियों को यह भी निर्देश दिया कि गांव में विशेष कैंप लगाकर सभी पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड अविलंब बनाए जाएं, ताकि वे सरकार की मुफ्त इलाज योजना का लाभ उठा सकें। इस निरीक्षण भ्रमण के दौरान डॉ. ओ.पी. यादव, राजकुमार, आशुतोष शुक्ल, एएनएम निर्मला, रीता और पुष्पा सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।





































