बलरामपुर पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की नहरबालागंज शाखा में हुए 12 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन मामले में एक महत्वपूर्ण आरोपी को गिरफ्तार किया है। लोन अप्रूवर अधिकारी विनय शर्मा को लखनऊ के चिनहट क्षेत्र से थाना कोतवाली नगर पुलिस ने पकड़ा। यह घोटाला पीएनबी सर्किल ऑफिस अयोध्या द्वारा की गई एक विभागीय जांच के बाद सामने आया। जांच में तत्कालीन शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी सहित बैंक कर्मियों और निजी फर्म से जुड़े लोगों की मिलीभगत उजागर हुई। पाया गया कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर दर्जनों लोन खाते खोले गए और राशि का दुरुपयोग किया गया। पुलिस के अनुसार, विनय शर्मा लोन अप्रूवर लेवल एस-1 के पद पर कार्यरत था। वह लेंस सॉफ्टवेयर में फर्जी एलआईसी पॉलिसी नंबर दर्ज करके लोन अप्रूवल की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी करता था। इसके बाद, तत्कालीन शाखा प्रबंधक द्वारा अंतिम अप्रूवल दिया जाता था। लोन की यह रकम नकद या खाते के माध्यम से पीएसपी कंस्ट्रक्शन के मालिक समरजीत सिंह और उसके सहयोगियों तक पहुंचाई जाती थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि कुल 46 लोन खातों से 8.09 करोड़ रुपये और 40 मुद्रा लोन खातों से 3.93 करोड़ रुपये का गबन किया गया। इस प्रकार, गबन की कुल राशि 12 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। इस मामले में पहले ही महेश त्रिपाठी, समरजीत सिंह और संतोष कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विनय शर्मा के खिलाफ 14 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी नगर ज्योतिश्री के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। पुलिस शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और गबन की गई रकम की वसूली के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
पीएनबी घोटाले में लोन अप्रूवर गिरफ्तार:11 करोड़ रुपये के गबन में कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग
बलरामपुर पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की नहरबालागंज शाखा में हुए 12 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन मामले में एक महत्वपूर्ण आरोपी को गिरफ्तार किया है। लोन अप्रूवर अधिकारी विनय शर्मा को लखनऊ के चिनहट क्षेत्र से थाना कोतवाली नगर पुलिस ने पकड़ा। यह घोटाला पीएनबी सर्किल ऑफिस अयोध्या द्वारा की गई एक विभागीय जांच के बाद सामने आया। जांच में तत्कालीन शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी सहित बैंक कर्मियों और निजी फर्म से जुड़े लोगों की मिलीभगत उजागर हुई। पाया गया कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर दर्जनों लोन खाते खोले गए और राशि का दुरुपयोग किया गया। पुलिस के अनुसार, विनय शर्मा लोन अप्रूवर लेवल एस-1 के पद पर कार्यरत था। वह लेंस सॉफ्टवेयर में फर्जी एलआईसी पॉलिसी नंबर दर्ज करके लोन अप्रूवल की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी करता था। इसके बाद, तत्कालीन शाखा प्रबंधक द्वारा अंतिम अप्रूवल दिया जाता था। लोन की यह रकम नकद या खाते के माध्यम से पीएसपी कंस्ट्रक्शन के मालिक समरजीत सिंह और उसके सहयोगियों तक पहुंचाई जाती थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि कुल 46 लोन खातों से 8.09 करोड़ रुपये और 40 मुद्रा लोन खातों से 3.93 करोड़ रुपये का गबन किया गया। इस प्रकार, गबन की कुल राशि 12 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। इस मामले में पहले ही महेश त्रिपाठी, समरजीत सिंह और संतोष कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विनय शर्मा के खिलाफ 14 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी नगर ज्योतिश्री के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। पुलिस शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और गबन की गई रकम की वसूली के लिए लगातार प्रयास कर रही है।









































